चीन ने कहा है कि ताइवान का उसके साथ एकीकरण होकर रहेगा और इसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती. पीटीआई के मुताबिक चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगहे ने बीजिंग में जियांगशान फोरम में एशिया के रक्षा मंत्रियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि चीन ‘मातृभूमि के फिर से एकीकरण को साकार करने की दिशा में’ अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. उनका कहना था, ‘चीन दुनिया का एकमात्र बड़ा देश है, जिसने अभी तक पूर्ण पुन:एकीकरण का लक्ष्य हासिल नहीं किया है.’

चीन यह भी कह चुका है कि ताइवान का खुद में विलय सुनिश्चित करने के विकल्प के तौर पर सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी कर सकता है. कुछ समय पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि इस द्वीप को आखिरकार फिर चीन के साथ मिलाया जाएगा. उनका यह भी कहना था कि चीन इस काम में अड़ंगा लगाने वाले बाहरी तत्वों के खिलाफ सभी आवश्यक कदम उठाने का विकल्प खुला रखेगा.

चीन और ताइवान एक-दूसरे की संप्रभुता को मान्यता नहीं देते. दोनों खुद को असली चीन मानते हैं. चीन का आधिकारिक नाम पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना है और जिसे दुनिया ताइवान के नाम से जानती है उसका अपना आधिकारिक नाम है रिपब्लिक ऑफ चाइना. ताइवान ऐसा द्वीप है जो 1950 से ही आजाद रहा है, लेकिन चीन उसे अपना विद्रोही राज्य कहता है. उसका मानना है कि ताइवान को चीन में शामिल होना चाहिए, इसके लिए चाहे बल प्रयोग ही क्यों न करना पड़े.