पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में जमानत दे दी है. पीटीआई के मुताबिक यह राहत उन्हें सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में मिली है. इसके बावजूद पी चिदंबरम रिहा नहीं हो पाएंगे. इसकी वजह यह है कि मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में वे 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की हिरासत में हैं. यह केस भी आईएनएक्स मामले से जुड़ा हुआ है.

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में पी चिदंबरम की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट गए थे. जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेष रॉय की तीन सदस्यों वाली खंडपीठ ने पी चिदंबरम को जमानत दे दी. यानी अब अगर किसी अन्य मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर रिहा किया जा सकेगा.

सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को 21 अगस्त की रात को दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद वे पहले जांच एजेंसी की हिरासत में रहे और फिर न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में. ईडी ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार किया था. 2006 के आईएनएक्स मामले में पी चिदंबरम पर वित्त मंत्री रहते हुए इस मीडिया समूह में विदेशी निवेश को मंजूरी देने में अनियमिततता का आरोप है.