मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि वह कश्मीर पर दिए अपने बयान पर अभी भी कायम हैं. कश्मीर पर उनके बयान को लेकर भारत द्वारा आपत्ति जताये जाने के कुछ दिन बाद उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी है.

पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को मलेशियाई संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में महातिर मोहम्मद का कहना था, ‘हम अपने मन की बात बोलते हैं और हम इसे पलटते और बदलते नहीं हैं...हमने महसूस किया है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से कश्मीर के लोगों को फायदा हुआ था और हम यह कह रहे हैं कि न केवल भारत और पाकिस्तान बल्कि अमेरिका और अन्य देशों को भी इसका पालन करना चाहिए.’

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘कभी-कभी हमारे तनावपूर्ण संबंध रहे, लेकिन हम लोगों के साथ दोस्ताना व्यवहार करना चाहते हैं. मलेशिया एक व्यापारिक राष्ट्र है, हमें बाजारों की आवश्यकता है और इसलिए, हम लोगों के लिए अच्छे हैं. लेकिन हमें लोगों के लिए बोलना भी होगा. इसलिए कभी-कभी हम जो कहते हैं वह कुछ को पसंद आता है और दूसरों को नापसंद.’

पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए महातिर मोहम्मद ने आरोप लगाया था कि भारत ने जम्मू-कश्मीर पर ‘आक्रमण करके कब्जा’ किया है. उनका कहना था कि भारत को इस मुद्दे के समाधान के लिये पाकिस्तान के साथ काम करना चाहिये.

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जतायी थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था, ‘भारत और मलेशिया के बीच पारंपरिक रूप से अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध है और हम इन टिप्पणियों पर अफसोस जताते हैं क्योंकि ये तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.’