पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने आज बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला. इस कुर्सी पर बैठने वाले वे 39वें शख्स हैं. सौरव गांगुली निर्विरोध चुने गए हैं. वे जुलाई 2020 तक इस पद पर रहेंगे. आज ही गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह ने सचिव तो वहीं वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के भाई अरुण धूमल ने कोषाध्यक्ष का पद संभाला. इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) का 33 महीने का कार्यकाल भी खत्म हो गया.

इससे पहले सौरव गांगुली ने कहा था कि उनके लिये यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है. पीटीआई के मुताबिक उनका कहना था, ‘निश्चित तौर पर ये बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने देश के लिये खेला है और मैं कप्तान भी रहा हूं.’ सौरव गांगुली ने आगे कहा, ‘मैं ऐसे समय में कमान संभालने जा रहा हूं जब पिछले तीन साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. इसकी छवि बहुत खराब हुई है. मेरे लिये ये कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है.’

सौरव गांगुली के मुताबिक उनका इरादा भारतीय क्रिकेट जगत के सभी पक्षों से मिलने का और वे सारे काम करने का है जो पिछले 33 महीने में प्रशासकों की समिति (सीओए) नहीं कर सकी. उन्होंने कहा ,‘पहले मैं सभी से बात करूंगा और फिर फैसला लूंगा. मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगी. मैं तीन साल से सीओए (सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रशासकों की समिति) से भी यही कहता आया हूं लेकिन उन्होंने नहीं सुनी. सबसे पहले मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति दुरूस्त करूंगा.’

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ‘यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है. भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी.’

सौरव गांगुली ने कुछ दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी . यह पूछने पर कि पश्चिम बंगाल में चुनाव में क्या वे भाजपा के लिए प्रचार करेंगे, उन्होंने कहा , ‘ऐसा कुछ नहीं है . मुझसे किसी ने कुछ नहीं कहा.’