झारखंड में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले विपक्षी पार्टियों के पांच विधायकों ने सत्ताधारी भाजपा का दामन थाम लिया है. रांची में बुधवार को हुए एक कार्यक्रम में इन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास और पार्टी के प्रदेश प्रभारी नंदकिशोर यादव की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में दो कांग्रेस के और दो झारखंड मुक्ति मोर्चा के हैं. इनके अलावा पांचवां एक निर्दलीय विधायक है. इन विधायकों में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, मनोज यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुणाल सारंगी, झामुमो के जयप्रकाश भाई पटेल शामिल हैं.

पीटीआई के मुताबिक बुधवार को ही झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक दिनेश कुमार पांडे, पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुचित्रा सिन्हा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पुलिस अधिकारी अरुण उरांव, कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता बजरंगी यादव और आरपी सिन्हा भी भाजपा में शामिल हुए.

इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के लोग भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

उधर, राज्य की विपक्षी पार्टियों कांग्रेस एवं झामुमो ने इसे नेताओं की मौका परस्ती करार दिया है. दोनों ही विपक्षी पार्टियों ने दावा किया है कि उनके नेताओं के भाजपा में शामिल होने से उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा.

राज्य की वर्तमान 81 सदस्यीय विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 19 और कांग्रेस के 9 विधायक थे. लेकिन बुधवार को हुए इस घटनाक्रम के बाद इनकी संख्या घटकर क्रमशः 17 और 7 रह गई है.