नरेंद्र मोदी ने मनोहर लाल खट्टर पर फिर भरोसा जताया

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में भाजपा भले ही बहुमत पाने से चूक गई हो, लेकिन शीर्ष नेतृत्व का उन पर भरोसा कायम है. हिंदुस्तान के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम भाजपा मुख्यालय में कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की बदौलत ही पार्टी इन दोनों राज्यों में फिर सरकार बनाने जा रही है. वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर ने जनता की हरसंभव सेवा की है. हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से 40 भाजपा ने जीती हैं और वह बहुमत से छह सीट दूर रह गई है. उधर, कांग्रेस ने 31 और अन्य ने 19 सीटें जीती हैं.

अमेरिकी संसद में कश्मीर को लेकर हुई टिप्पणियों पर भारत नाराज

अमेरिकी संसद की विदेश विभाग की समिति में जम्मू-कश्मीर और उसे लेकर भारत सरकार के फैसलों पर हुई चर्चा पर भारत ने नाराजगी जताई है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक विदेश विभाग के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि कश्मीर पर अमेरीकी संसद के कुछ सदस्यों ने खेदजनक टिप्पणियां की हैं. उनका यह भी कहना था कि इन टिप्पणियों से सदस्यों की सीमित समझ का पता चलता है. रवीश कुमार ने कहा, ‘उन्हें भारत के फैसले की आलोचना करने की बजाय सीमार पार से कश्मीर में होने वाली प्रायोजित घुसपैठ की निंदा करनी चाहिए थी.’ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि उनकी एक समिति पांच अगस्त के बाद कश्मीर जाना चाहती थी, लेकिन भारत ने यह कहते हुए इससे इनकार कर दिया कि वहां जाने का यह सही वक्त नहीं है.

कांग्रेस एनआरसी और नागरिकता विधेयक पर मंथन करेगी

कांग्रेस राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन विधेयक सहित कई विवादित मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश करेगी. द हिंदू ने यह खबर दी है. इसके मुताबिक सोनिया गांधी के कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद बनाए गए नीति समूह की पहली बैठक में इन मुद्दों पर विचार होगा. कांग्रेस के इस नीति समूह में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद, एके एंटोनी, मल्लिकार्जुन खडगे, आनंद शर्मा और जयराम रमेश सहित कई नेता शामिल हैं. इसकी बैठक आज ही होनी है. कांग्रेस संसद के शीतकालीन सत्र से पहले इन मुद्दों पर अपना रुख साफ करना चाहती है, क्योंकि माना जा रहा है कि इस सत्र में केंद्र सरकार की कोशिश इन दोनों मुद्दों से जुड़े विधेयक पारित करवाने की रहेगी.

बांग्लादेश में किशोरी को जिंदा जलाने के मामले में 16 को मौत की सजा

बांग्लादेश की एक अदालत ने एक किशोरी को जिंदा जलाने के मामले में गुरुवार को 16 लोगों को मौत की सजा सुनाई. दैनिक जागरण के मुताबिक 18 साल की नुसरत जहां रफी ने एक मदरसे के मौलवी के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की थी. इसके बाद उस पर पहले शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और फिर जिंदा जला दिया गया. इस घटना के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोपितों को न्याय के दायरे में लाने का भरोसा दिया था.