अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को आईएस सरगना अबू बकर अल बगदादी के बारे में उसकी पत्नी से पता लगा था. बगदादी की एक पत्नी और एक संदेशवाहक को कुछ महीने पहले ही गिरफ्तार किया गया था.

समाचार पत्र के मुताबिक सीआईए ने बगदादी की पत्नी से मिली शुरुआती गुप्त सूचना के आधार पर उसके ठिकानों की सटीक पहचान करने के लिये इराकी और कुर्दिश खुफिया अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया. इराक में कई जगहों पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिये जासूसों को काम पर लगाया गया.

अमेरिकी अधिकारियों ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को बताया कि कुर्दों को सीरिया में अकेला छोड़कर अमेरिका के वहां से निकलने के बाद भी कुर्दों ने सीआईए को बगदादी के ठिकाने के बारे में जानकारी देना जारी रखा. एक अधिकारी ने कहा कि सीरियाई और इराकी कुर्दों ने सबसे सटीक खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी.

हमले की जगह के निकट गांव में रहने वाले लोगों से बात करने वाले इंजीनियर के मुताबिक बगदादी एक और चरमपंथी समूह हुर्रास अल दीन के एक कमांडर अबू मोहम्मद सलामा के घर में शरण लिये हुए था.

समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि सेना ने कम से कम दो बार अंतिम क्षणों में मिशन रोका था. हमले की अंतिम योजना पिछले सप्ताह दो से तीन दिन में बनाई गई थी.

बीते शनिवार को आईएस सरगना अबू बकर अल बगदादी ने उत्तरी सीरिया में अमेरिका के विशेष अभियान के दौरान खुद को आत्मघाती बम से उड़ा लिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इसकी घोषणा की.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को संवाददाता सम्मलेन में कहा था कि बगदादी की मौत के बाद उसके शव के टुकड़ों की डीएनए जांच की गई है, जिसमें उसकी पहचान की पुष्टि हुई.

न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर में यह भी कहा गया है कि साल 2000 में बगदादी जब इराक में अमेरिका द्वारा संचालित हिरासत शिविर में था, तो उसका डीएनए नमूना लिया गया था.