महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि सहयोगी शिवसेना जिस 50:50 के फॉर्मूले की बात कर रही है वैसा कोई फॉर्मूला नहीं था. उनका यह बयान राज्य में सत्ता को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मची खींचतान के बीच आया है. शिवसेना 50:50 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. इसके मुताबिक मुख्यमंत्री का पद ढाई साल के लिए भाजपा और ढाई साल के लिए उसके पास रहना है. कैबिनेट में भी दोनों पार्टियों को बराबर सीटें दी जानी हैं. देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री के पद के बंटवारे के लिए कोई फॉर्मूला तय नहीं हुआ था...हमने ऐसा कोई फॉर्मूला नहीं दिया था.’

उधर, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे कह चुके हैं कि वे हर बार भाजपा के लिए पीछे हट जाते हैं और इस बार ऐसा नहीं होगा. उनका यह भी कहना है कि अगर भाजपा इसके लिए राजी नहीं हुई तो उनके पास अन्य विकल्प भी हैं. इससे पहले खबर आई थी कि दोनों सहयोगी दल 1995 वाले फॉर्मूले पर राजी हो सकते हैं. शिवसेना फिलहाल ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि बुधवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मुंबई आगमन के बाद दोनों दलों में 1995 के फॉर्मूले पर बात बन सकती है जिसके अनुसार अधिक सीटें पाने वाले दल के पास मुख्यमंत्री पद गया था और कम सीटें पाने वाले के पास उपमुख्यमंत्री पद.