महाराष्ट्र में भाजपा ने शिवसेना की जिद के आगे न झुकने के संकेत दिए, देवेंद्र फड़णवीस को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया

महाराष्ट्र में गठबंधन सहयोगियों शिवसेना और भाजपा में तनातनी के बीच देवेंद्र फड़णवीस को भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. यानी पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगले मुख्यमंत्री वे ही होंगे. हालांकि भाजपा का ये भी कहना है कि सहयोगी शिवसेना के बिना शपथग्रहण नहीं होगा. शिवसेना फिफ्टी-फिफ्टी के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. उसका कहना है कि इस पर दोनों पार्टियों में लोकसभा चुनाव से पहले ही सहमति हो गई थी. इस फॉर्मूले के मुताबिक मुख्यमंत्री का पद ढाई साल के लिए भाजपा और ढाई साल के लिए शिवसेना के पास रहना है. हालांकि देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ था. उधर, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे कह चुके हैं कि अगर भाजपा इस फॉर्मूले पर राजी नहीं हुई तो उनके पास अन्य विकल्प भी हैं.

कश्मीर का दौरा करने के बाद यूरोपीय सांसदों ने अनुच्छेद 370 को भारत का आतंरिक मामला बताया, विपक्ष ने इस दौरे पर सवाल उठाए

जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर गए यूरोपीय संघ के सांसदों ने आज कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है. उनका ये भी कहना था कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस मामले में पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की. 23 सांसदों के इस शिष्टमंडल ने आज श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान सांसदों ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वे भारत के साथ खड़े हैं.. इन सांसदों ने कल कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या की निंदा भी की.

उधर, विपक्ष ने इस दौरे पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस दौरे की वजह से भारत के आंतरिक मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण हुआ है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ये मोदी सरकार का एक अपरिपक्व, विवेकहीन और मूर्खतापूर्ण कदम है. उन्होंने इसे प्रचार का हथकंडा भी करार दिया. भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी इस दौरे की आलोचना की है. उसके मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि ये दौरा भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता में बाहरी हस्तक्षेप है.

देश के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे का बड़ा बयान, कहा - कुछ लोगों के पास बोलने की ज्यादा ही आजादी है तो कुछ को अपनी बात रखने के लिए भी सताया जाता है

देश के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि भारत में कुछ लोगों के पास अभिव्यक्ति की आजादी बहुत ज़्यादा है और कुछ के पास बहुत कम. एक साक्षात्कार में उन्होंने ये भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी की बहस के दो पक्ष हैं. जस्टिस एसए बोबडे के मुताबिक कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ भी कहकर निकल जाते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. उनके मुताबिक दूसरा पहलू ये है कि कुछ लोगों को अपनी बात रखने के लिए भी प्रताड़ित किया जाता है. जस्टिस एसए बोबडे भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. वे 18 नवंबर को पद की शपथ लेंगे.

भारत और सऊदी अरब ने रणनीतिक साझेदारी परिषद बनाई

भारत और सऊदी अरब ने एक रणनीति साझेदारी परिषद बनाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इससे जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इस परिषद को दोनों देशों के बीच सामरिक लिहाज से अहम मुद्दों पर समन्वय के लिए बनाया गया है. इसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान करेंगे. हर दो साल में इसकी बैठक होगी. इसे इस लिहाज से अहम माना जा रहा है कि पाकिस्तान का प्रमुख सहयोगी सऊदी अरब आतंकवाद के खिलाफ भारत के अभियान में उसके साथ है. भारत और सऊदी अरब ने अपने संबंधों को मजबूती देने के लिए तेल और गैस सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में भी आपसी समझौते किए हैं.

इराक में हिंसा जारी, नकाबपोश बंदूकधारियों के हमले में 18 लोगों की मौत

इराक में गोलीबारी की एक घटना में 18 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हो गए. ये घटना शिया समुदाय के पवित्र शहर कर्बला में हुई. अधिकारियों के मुताबिक यहां कुछ नकाबपोश बंदूकधारियों ने प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर गोलियां चलाई. इराक में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर इस महीने की शुरुआत से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा में अब तक 240 लोगों की जान जा चुकी है. मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ताजा हमले का आरोप इराकी सुरक्षा बलों पर लगाया है.