म्यामांर की सेना रोहिंग्या मुसलमानों पर फिर हमले की तैयारी कर रही है. एक मानवाधिकार समूह ‘फोर्टिफाइ राइट्स’ के मुताबिक उसकी जांच पड़ताल से पता चलता है कि म्यांमारी सेना रोहिंग्या मुसलमानों पर हमले के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार है.

पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को ‘फोर्टिफाइ राइट्स’ द्वारा जारी की गयी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पश्चिमी रखाइन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों से चाकू और अन्य तेजधार उपकरणों को जब्त कर लिया गया है. गैर मुस्लिम नागरिकों को हमले के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है और रोहिंग्या परिवारों को अपने घरों के आसपास सुरक्षात्मक बाड़ हटाने के लिए मजबूर कर दिया गया है.

दक्षिणपूर्व एशिया के इस मानवाधिकार संगठन ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेजी सबूत भी दिए हैं. इनसे पता लगता है कि रखाइन प्रांत में रहने वाले इस अल्पसंख्यक समूह पर कार्रवाई के लिए प्रशासन तैयार है. संगठन द्वारा लिए साक्षात्कारों में तमाम लोगों ने कहा है कि म्यामांरी सेना ने चाकू और ऐसी वस्तुओं को जब्त करना शुरू कर दिया है जिनका इस्तेमाल हथियार या आत्मरक्षा के लिए किया जा सकता है. हालांकि, म्यामांर की सेना ने अभी इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अगस्त 2017 में म्यांमार के पश्चिमी रखाइन प्रांत में एक कट्टरपंथी रोहिंग्या समूह ने सुरक्षा बलों की चौकियों पर हमला किया था. इसके बाद वहां की सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों के दर्जनों गांवों पर हमला बोल दिया था. सेना के हमलों के कारण 94 हजार से अधिक लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा था.