बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर में जन स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल घोषित कर दिया गया है. राजधानी में स्कूल पांच नवंबर तक बंद कर दिए गए हैं. इसके अलावा इस तारीख तक निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है. इससे जुड़ी खबरें आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शिवसेना और भाजपा में तनातनी जारी है. शिवसेना ने जहां भाजपा के बिना भी बहुमत जुटा लेने की बात कही है वहीं भाजपा का कहना है कि जरूरत होगी तो राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है. ये खबरें भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हैं.

जासूस पर वाट्सएप और सरकार के विरोधाभासी बयान

एक इजरायली स्पाइवेयर के जरिये दो दर्जन भारतीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी को लेकर वाट्सएप और सरकार की तरफ से अलग-अलग बयान आ रहे हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक फेसबुक के स्वामित्व वाली इस कंपनी का कहना है कि भारतीयों की जासूसी के बारे में भारत सरकार को बीते मई में ही बता दिया गया था. उधर, सरकार ने कहा है कि उसे जो जानकारी मिली थी उसकी भाषा बहुत ‘मुश्किल और तकनीकी’ थी. सरकार का यह भी कहना है कि वाट्सएप ने उसे यह नहीं बताया कि भारतीयों की निजता का उल्लंघन हो रहा है. यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब वाट्सएप ने एक अमेरिकी अदालत में दो इजरायली कंपनियों के खिलाफ मुकदमा किया.

जज जिसने 15 साल में सवा लाख मुकदमे निपटाए

देश की अदालतों में लंबित मुकदमों और न्याय मिलने में देरी पर बहस के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुकदमों के निस्तारण के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है. दैनिक जागरण के मुताबिक उन्होंने 15 साल के कार्यकाल में कुल 1,30,418 मुकदमों का निपटारा किया है. वे देश के एकमात्र न्यायाधीश हैं, जिन्होंने इतने मुकदमों पर फैसला देने का रिकार्ड बनाया है. न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने पांच अक्टूबर 2005 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अपर न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी. इसके बाद 10 अगस्त 2007 को वे हाईकोर्ट के नियमित जज नियुक्त किए गए.

भारत की बेरोजगारी दर तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार की मुश्किलें जारी हैं. भारत में बेरोजगारी दर अक्टूबर में बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई है. यह आंकड़ा साल 2016 के अगस्त महीने के बाद से सबसे ज्यादा है. दैनिक भास्कर ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी के डेटा के हवाले से यह खबर दी है. इस संस्था के मुताबिक ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी के लक्षणों को दर्शाते हैं. इससे पहले भारत सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक बुनियादी ढांचे से जुड़े आठ प्रमुख क्षेत्रों में 5.2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी.