अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों ने भाजपा के कुछ वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं और मुस्लिम समाज के कई बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की. दिल्ली में हुई इस बैठक में उनसे अपील की गई कि वे निकट भविष्य में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने में सहयोग करें. पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक में ऐसा माहौल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि अयोध्या पर आने वाले फैसले को सभी स्वीकार करें और देश के किसी भी हिस्से में किसी तरह से शांति भंग न हो.
बैठक में आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के अलावा भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन, जफर इस्लाम और शाजिया इल्मी शामिल थे. मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति फिरोज बख्त अहमद और कुछ अन्य मुस्लिम बुद्धिजीवी भी इसमें मौजूद रहे. बैठक के बाद फिरोज बख्त अहमद ने कहा, ‘मुस्लिम समुदाय की तरफ से कई बार यह कहा गया है कि जो भी फैसला आएगा उसे माना जाए. फिर भी कहीं कुछ गलत नहीं हो, इसका प्रयास किया जा रहा है.’ उनका आगे कहना था, ‘ मुस्लिम समुदाय के बुद्धिजीवियों से अपील की गई है कि वे ऐसा माहौल बनाने में मदद करें जिसमें सभी लोग अदालत के फैसले को मानें.’
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने 40 दिन तक लगातार सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. यह फैसला अगले कुछ दिनों के भीतर सुनाए जाने की संभावना है.
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