दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण और इसके लिए पंजाब के किसानों को पराली जलाने से नहीं रोक पाने के लिए दोष मढ़े जाने पर क्षोभ प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने फसल अवशेष के प्रबंधन के लिए शनिवार को केंद्र से अलग से बोनस प्रदान करने की मांग की है. उन्होंने दुख जताया कि दिल्लीवासी गंभीर वायु प्रदूषण में सांस ले रहे हैं.

अमरिंदर सिंह ने एक पत्र में कहा है, ‘कोई भी भारतीय और निश्चित रूप से पंजाब में कोई भी व्यक्ति, राष्ट्रीय राजधानी में हमारे भाइयों के दुख से बेखबर नहीं है.’ उन्होंने सवाल किया, ‘कैसे एक देश को विकसित कहा जा सकता है अगर उसकी राजधानी गैस चैंबर बन गयी है वो भी प्राकृतिक आपदा से नहीं बल्कि मानव निर्मित कारणों से.’ पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ रहा है. उन्होंने माना कि गलत दिशा में बह रही हवा के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण जहरीले स्तर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों को पराली के प्रबंधन के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये अलग से बोनस देने का सुझाव दिया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजधानी में बढते वायु प्रदूषण के लिए लगातार पड़ोसी राज्यों-हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. इसी को देखते हुए पंजाब के मुख्मंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में अपना क्षोभ प्रकट करते हुए किसान समर्थक प्रस्ताव दिए हैं.