मंदी: रेलवे की माल ढुलाई से आमदनी दूसरी तिमाही में 3,900 करोड़ रुपये घटी, यात्री राजस्व भी घटा | रविवार, 27 अक्टूबर 2019

आर्थिक सुस्ती का असर दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक भारतीय रेल के राजस्व पर भी दिखने लगा है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में रेलवे की यात्री किराये से आमदनी वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले 155 करोड़ रुपये और माल ढुलाई से आय 3,901 करोड़ रुपये कम रही है. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी दी गई है.

मध्य प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ की ओर से दायर आरटीआई आवेदन से पता चला है कि 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल - जून) में यात्री किराये से 13,398.92 करोड़ रुपये की आय हुई थी. रेलवे की यह आय जुलाई-सितंबर तिमाही में गिरकर 13,243.81 करोड़ रुपये रह गई. भारतीय रेल को माल ढुलाई से पहली तिमाही में 29,066.92 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी जो कि दूसरी तिमाही में काफी कम होकर 25,165 करोड़ रुपये रह गई.

यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के कश्मीर दौरे को लेकर विपक्ष का मोदी सरकार पर निशाना | सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल के जम्मू-कश्मीर जाने पर विवाद पैदा होता दिख रहा है. विपक्षी पार्टियों कांग्रेस और सीपीएम का कहना है कि केंद्र सरकार भारतीय नेताओं और सांसदों को तो कश्मीर नहीं जाने दे रही और विदेशी सांसदों को इसकी इजाजत दे रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर कहा है कि यह बहुत गलत है.

पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया गया था. इसके बाद यह पहली बार है कि कोई अंतरराष्ट्रीय दल राज्य का दौरा करने जा रहा है. बताया जा रहा है कि 27 सांसदों का यह दल जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाक़ों में जाकर जमीनी हालात देखेगा. सरकार का यह भी कहना है कि इस दौरे से सांसदों को यह समझने में मदद मिलेगी कि इस इलाके के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं.

एसए बोबडे भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे, राष्ट्रपति ने नियुक्ति पर मुहर लगाई | मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया. पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. सूत्रों ने बताया कि 63 वर्षीय न्यायमूर्ति एसए बोबडे 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे. इससे एक दिन पहले, 17 नवंबर को मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सेवानिवृत्त होंगे. न्यायमूर्ति एसएस बोबडे 23 अप्रैल 2021 तक यानी करीब 17 महीने इस पद पर रहेंगे.

24 अप्रैल 1956 को जन्मे न्यायमूर्ति एसए बोबडे नागपुर में पले-बढ़े. उनके पिता अरविंद बोबडे महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल थे. 1978 में एसए बोबडे ने नागपुर यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली. उसी साल उन्होंने वकालत शुरू की और बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में प्रैक्टिस की. 1998 में उन्हें सीनियर एडवोकेट नामित किया गया. 29 मार्च 2000 को न्यायमूर्ति एसए बोबडे बॉम्बे हाई कोर्ट में एडिशनल जज बने. 16 अक्तूबर 2012 में उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और अगले ही साल वे सुप्रीम कोर्ट में आ गए.

राजस्थान : हाई कोर्ट ने पहलू खान और उनके दोनों बेटों के खिलाफ गौ तस्करी का मामला रद्द किया | बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

राजस्थान हाई कोर्ट ने पहलू खान, उनके दो बेटों और एक ट्रक चालक के खिलाफ गोकशी के लिये गायों को अवैध तरीके से ले जाने का मामला रद्द कर दिया. पहलू खान की अप्रैल 2017 में कथित गौ रक्षकों ने हत्या कर दी थी. पीटीआई के मुताबिक न्यायमूर्ति पंकज भंडारी की एकल पीठ ने बुधवार को ‘राजस्थान गोवंश संरक्षण कानून’ और अन्य धाराओं के तहत चारों के खिलाफ दर्ज मामले और आरोप पत्र को रद्द कर दिया. भंडारी ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता लगे कि गायों को गोकशी के लिए ले जाया जा रहा था.

एक अप्रैल 2017 को 55 वर्षीय पहलू खान, उनके दो बेटे और अन्य लोग गाय ले जा रहे थे, तभी अलवर जिले के बहरोड़ में कथित गौ रक्षकों की भीड़ ने रोककर उनकी पिटाई कर दी. पहलू खान की तीन अप्रैल 2017 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

राष्ट्रपति शासन हटा, जम्मू-कश्मीर दो हिस्सों में बंटा | गुरूवार, 31 अक्टूबर 2018

गुरूवार को जम्मू-कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंट गया. इनका नाम होगा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख. इसके साथ ही यहां से राष्ट्रपति शासन भी हट गया. पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का फैसला किया था. इसके तहत राज्य का विशेष दर्जा खत्म कर दिया गया. अब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू होंगे और इसकी दिल्ली की तरह अपनी विधानसभा भी होगी. उधर, लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर होंगे और इस केंद्र शासित प्रदेश की कोई विधानसभा नहीं होगी.

केंद्र सरकार का दावा है कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास की राह प्रशस्त होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते रहे हैं कि अनुच्छेद 370 के चलते जम्मू-कश्मीर के लोग उन तमाम फायदों से वंचित रहे जो देश के दूसरे लोगों को मिलते हैं. उधर, पाकिस्तान इस फैसले का विरोध कर रहा है. उसका आरोप है कि भारत कश्मीरियों को प्रताड़ित कर रहा है. इस पर भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक मामला है और इस फैसले में उसे किसी का दखल स्वीकार नहीं है. भारत का यह भी कहना है कि पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर की नई सच्चाई स्वीकार करनी होगी.

हम भारत छोड़कर नहीं जा रहे : वोडाफोन | शुक्रवार, 01 नवंबर 2019

वोडाफोन ने उसके भारत छोड़ने की खबर को खारिज किया. ब्रिटेन के वोडाफोन समूह ने इस सिलसिले में एक बयान जारी किया. इसमें कहा गया है कि इस तरह की चर्चाएं गलत और निराधार हैं. समूह का कहना है, ‘हमारा स्थानीय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हालात में भारत में हमारा संयुक्त उपक्रम (वोडाफोन-आइडिया) चला रहा है और हम पूरी तरह से इसके साथ खड़े हैं.’

इससे पहले खबर आई थी कि वोडाफोन भारतीय बाजार से निकल सकती है. इसकी वजह उसके बढ़ते नुकसान को बताया गया था. खबर में कहा गया था कि इसके चलते वोडाफोन का बाजार पूंजीकरण घट रहा है और उसकी बैलेंस शीट भी बिगड़ रही है. यह भी बताया जा रहा था कि कंपनी को नए निवेशक नहीं मिल रहे हैं और हर महीने उसके लाखों सब्सक्राइबर उसे छोड़ रहे हैं. वोडाफोन का कहना है कि यह खबर दुर्भावना के साथ फैलाई गई है.

दिल्ली में प्रदूषण कम करना है तो किसानों को पराली प्रबंधन के लिए बोनस दिया जाए: अमरिंदर सिंह | शनिवार, 02 नवंबर 2019

दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण और इसके लिए पंजाब के किसानों को पराली जलाने से नहीं रोक पाने के लिए दोष मढ़े जाने पर क्षोभ प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने फसल अवशेष के प्रबंधन के लिए शनिवार को केंद्र से अलग से बोनस प्रदान करने की मांग की. उन्होंने दुख जताया कि दिल्लीवासी गंभीर वायु प्रदूषण में सांस ले रहे हैं.

अमरिंदर सिंह ने एक पत्र में कहा, ‘कोई भी भारतीय और निश्चित रूप से पंजाब में कोई भी व्यक्ति, राष्ट्रीय राजधानी में हमारे भाइयों के दुख से बेखबर नहीं है.’ उन्होंने सवाल किया, ‘कैसे एक देश को विकसित कहा जा सकता है अगर उसकी राजधानी गैस चैंबर बन गयी है वो भी प्राकृतिक आपदा से नहीं बल्कि मानव निर्मित कारणों से.’ पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ रहा है. उन्होंने माना कि गलत दिशा में बह रही हवा के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण जहरीले स्तर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों को पराली के प्रबंधन के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये अलग से बोनस देने का सुझाव दिया था.

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