महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा है कि उनकी पार्टी भाजपा से केवल मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगी.

राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है. इस चुनाव में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना ने 56 और भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की है.

पीटीआई के मुताबिक संजय राउत ने रविवार को पत्रकारों से कहा, ‘गतिरोध जारी है. सरकार गठन को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है. अगर बातचीत होगी, तो केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर ही होगी.’

वहीं शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के साप्ताहिक स्तंभ में राउत ने लिखा था, ‘महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन पर राजनीतिक गतिरोध अहंकार के कीचड़ में फंसे एक रथ की तरह है.’ उन्होंने भाजपा को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा कर दिखाने की चेतावनी देते हुए लिखा था कि यह कदम भाजपा के लिए सदी की सबसे बड़ी हार जैसा होगा.

उन्होंने अपने स्तंभ में यह भी लिखा था कि यह चौंकाने वाली बात है कि वे लोग ऐसा करने की बात कर रहे हैं जो इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल को ‘काले दिवस’ के रूप में मनाते हैं.

संजय राउत ने ये बातें भाजपा नेता सुधीर मुंगंतीवार के उस बयान के जवाब में लिखी जिसमें मुंगंतीवार ने कहा था कि सात नवम्बर तक नई सरकार का गठन ना होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.