पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे के लिए दी गई समयसीमा रविवार रात समाप्त हो जाने के बाद वहां प्रमुख धर्मगुरु और नेता मौलाना फजलुर रहमान ने पूरे देश में बंद की धमकी दी है. जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज़ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख रहमान ने इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उद्देश्य पूरा होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा. पीटीआई के मुताबिक उनका कहना था, ‘ये साफ है कि शासक (इमरान खान) को जाना होगा और लोगों को निष्पक्ष चुनाव के जरिए नया शासक चुनने का मौका देना होगा. इससे अलावा और कोई विकल्प नहीं है.’

फजलुर रहमान ने इमरान खान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए पिछले हफ्ते इस्लामाबाद तक अपने समर्थकों के ‘आजादी मार्च’ का नेतृत्व किया था. उनका दावा है कि 2018 में हुए चुनाव में धांधली हुई थी और पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने इमरान खान को समर्थन दिया था. सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है. उधर, इमरान खान ने कहा है कि उनकी इस्तीफा देने की कोई योजना नहीं है.

नेपाल में बस नदी में गिरी, 17 लोगों की मौत

नेपाल में एक बस हादसे में तीन महीने के एक बच्चे सहित 17 लोगों की मौत हो गई. पीटीआई ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बस दोलखा जिले से काठमांडू जा रही थी. इसी दौरान वह फिसलकर 100 मीटर नीचे एक नदी में जा गिरी. हादसे में करीब 48 लोग घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है. इनमें से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है.

इराक में फिर प्रदर्शन

इराक में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और सरकारी कार्यालयों को बंद कर फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया है. महीने भर से चल रहे इस आंदोलन में लोग राजनीतिक व्यवस्था में बड़े परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. इराक में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर एक अक्टूबर से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 150 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इस बीच सरकार ने सुधार का एक प्रस्ताव रखा है. इसमें रोजगार अभियान और सामाजिक कल्याण योजनाओं जैसी कई बातें हैं. हालांकि सरकार के इस प्रस्ताव का प्रदर्शनकारियों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा है.