महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच खबर है कि शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी, शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बना सकती है. सोमवार को शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इसके बाद नाम न छापने की शर्त पर एनसीपी के एक नेता ने बताया कि उनकी पार्टी शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना चाह रही है जिसे कांग्रेस बाहर से समर्थन देगी.

इस नेता के मुताबिक सब कुछ इस पर निर्भर करेगा कि शिवसेना, भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ती है या नहीं. खबर के मुताबिक उनका कहना था, ‘हमने वही फॉर्मूला पेश किया है जैसा 1995 में सेना-बीजेपी का था. सेना का मनोनीत व्यक्ति मुख्यमंत्री था, वहीं बीजेपी का मनोनीत उपमुख्यमंत्री था. हमने कहा है कि सेना का मनोनीत मुख्यमंत्री होगा और एनसीपी का उपमुख्यमंत्री.’

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद से राजनीतिक बैठकों और बयानबाजी का सिलसिला जारी है. कल सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस दिल्ली पहुंचे और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह से मुलाक़ात की. उधर, शिवसेना के नेताओं ने शाम को मुंबई में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की.

शिवसेना 50:50 के फॉर्मूले पर अड़ी है. यानी मुख्यमंत्री पद ढाई साल के लिए उसका और ढाई साल के लिए भाजपा का. उसका दावा है कि आम चुनाव से पहले ही इस फॉर्मूले पर भाजपा के साथ उसकी सहमति बन गई थी. भाजपा इससे इनकार कर रही है. उधर, शिवसेना का कहना है कि उसके पास दूसरे विकल्प भी हैं. विधानसभा चुनावों में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं यानी बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन चाहिए.