‘राष्ट्रपति शासन लगाना महाराष्ट्र के लोगों का अपमान होगा.’

— संजय राउत, शिवसेना नेता

संजय राउत की यह टिप्पणी सियासी अनिश्चितता में झूल रहे महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने की संभावना वाली खबरों पर आई है. उन्होंने कहा कि सरकार बन जाएगी बशर्ते भाजपा 50:50 के फॉर्मूले पर सहमति दे दे. गठबंधन सहयोगियों भाजपा और शिवसेना में चल रही खींचतान के चलते महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे आने के 11 दिन बाद भी सरकार नहीं बन सकी है.

गाय ही क्‍यों, उन्हें कुत्ते का मांस भी खाना चाहिए.’  

— दिलीप घोष, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के मुखिया

दिलीप घोष ने यह बात बुद्धिजीवियों पर तंज कसते हुए कही. उन्होंने कहा कि बीफ खाना गाय का अपमान है. प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि गाय के दूध में सोना होता है. उनका यह भी कहना था कि लोगों को विदेशी पालतू कुत्तों का मलमूत्र साफ करके गर्व होता है लेकिन वे ‘हमारी माता’ का आदर नहीं करते.


‘21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में साम्राज्यवादी शक्तियों के लिए कोई जगह नहीं है जहां बड़े देश छोटे देशों का लाभ उठा सकें.’  

— रॉबर्ट ओ ब्रायन, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

रॉबर्ट ओ ब्रायन का यह बयान बैंकाक में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के मौके पर आया है जहां हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के तेजी से बढ़ते सैन्य और आर्थिक विस्तारवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा. उन्होंने कहा कि सभी देशों को एक दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करते हुए बराबरी का और अंतरराष्ट्रीय कानूनों व परंपराओं के अनुसार व्यवहार करना चाहिए. चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है जबकि ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी उसके कुछ कुछ हिस्से पर दावा करते हैं.


‘इस्तीफे को छोड़कर सभी जायज मांगें मानने को तैयार हैं.’    

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान ने यह बात अपनी सरकार के खिलाफ निकले ‘आजादी मार्च’ को लेकर कही है. इस मार्च का नेतृत्व तेजतर्रार धर्मगुरू मौलाना फजलुर्रहमान कर रहे हैं. उनका कहना है कि इमरान खान सरकार चुनावों में भ्रष्टाचार के बूते आई है जिसे हटना होगा. विपक्षी दल उनके इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं.