‘मैंने पहले ही कहा था.’

— अमरिंदर सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री

अमरिंदर सिंह की यह प्रतिक्रिया करतारपुर कॉरीडोर की शुरुआत से पहले पाकिस्तान द्वारा जारी एक वीडियो पर आई. इस वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन खालिस्तानी अलगाववादियों की तस्वीर वाला एक पोस्टर दिखने पर विवाद हो गया है. अमरिंदर सिंह ने पहले कहा था कि पाकिस्तान इस कॉरीडोर को लेकर इतना उत्साहित इसलिए है कि वह इसके बहाने पंजाब में फिर से अलगाववाद भड़काना चाहता है.

‘हमें पूरा विश्वास है कि कोर्ट का फैसला आस्था की बुनियाद पर न होकर कानूनी दायरे में होगा.’

— मौलाना सैयद अरशद मदनी, जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष

सैयद अरशद मदनी का यह बयान अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर आने वाले फैसले से पहले आया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मुसलमानों का नजरिया ऐतिहासिक तथ्यों, सबूतों और साक्ष्यों पर आधारित है. मदनी का यह भी कहना था कि जो भी फैसला होगा जमीयत उलेमा-ए-हिंद उसे ससम्मान स्वीकार करेगी और मुस्लिम समुदाय को भी ऐसा ही करना चाहिए.


‘अगर हमारे पास बहुमत होता, तो हम किसी का इंतजार नहीं करते.’ 

— शरद पवार, एनसीपी मुखिया

एनसीपी मुखिया शरद पवार ने यह बात महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना को समर्थन देने की अटकलों को खारिज करते हुए कही है. उन्होंने कहा कि वे एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेंगे. भाजपा और शिवसेना के पास शासन करने का जनादेश होने की बात कहते हुए शरद पवार ने कहा कि दोनों दलों को जल्द से जल्द सरकार बना राज्य को संवैधानिक संकट से बचाना चाहिए.


‘हम दोनों साथ मिलकर काम करेंगे तो ये दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा.’  

— गेंग शुआंग, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

चीन ने यह बात क्षेत्रीय विस्तृत आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) नाम के चर्चित व्यापार समझौते में शामिल होने से भारत के इनकार के बाद कही है. गेंग शुआंग ने कहा कि उनका देश भारत की चिंताओं पर बातचीत करने के लिए तैयार है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-टूक कहा था कि समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया है.