सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने अपने कर्मचारियों के लिये स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) पेश की है. कंपनी को उम्मीद है कि इस योजना का लाभ 70,000 से 80,000 कर्मचारी उठाएंगे और इससे वेतन मद में करीब 7,000 करोड़ रुपये की बचत होगी.

बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पीके पुरवार ने पीटीआई को बताया कि योजना चार नवंबर से तीन दिसंबर तक खुली रहेगी. वीआरएस की पेशकश के बारे में कर्मचारियों को जानकारी देने के लिये क्षेत्रीय इकाइयों को इस बारे में निर्देश दिये जा चुके हैं. कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.50 लाख है और करीब एक लाख कर्मचारी इस योजना के लिये पात्र हैं. उन्होंने कहा, ‘यह सरकार द्वारा दी गयी बेहतर वीआरएस योजना है और बीएसएनएल कर्मचारियों को इसे सकारात्मक रुप से देखना चाहिए.’

बीएसएनएल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) -2019 के अनुसार 50 साल की आयु पूरी कर चुके या उससे अधिक उम्र के बीएसएनएल के सभी नियमित और स्थायी कर्मचारी वीआरएस के लिये आवेदन देने को पात्र हैं. इसमें वे कर्मचारी भी शामिल हैं जो बीएसएनएल के बाहर दूसरे संगठन में प्रतिनियुक्ति आधार पर काम कर रहे हैं. पात्र कर्मचारी के लिये अनुग्रह राशि पूरे किये गये प्रत्येक सेवा वर्ष के एवज में 35 दिन तथा बची हुई सेवा अवधि के लिये 25 दिन के वेतन के बराबर होगी. महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) ने भी अपने कर्मचारियों के लिये वीआरएस लागू की है. कर्मचारियों के लिये यह योजना तीन दिसंबर तक के लिये है. सरकार ने पिछले महीने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिये 69,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी.