महाराष्ट्र में सियासी अनिश्चितता के बीच शिवसेना ने सहयोगी भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह उसके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे एक संपादकीय में यह बात कही गई है. इसके मुताबिक पार्टी को शिकायतें मिल रही हैं कि नवनिर्वाचित विधायकों को पैसे का लालच दिया जा रहा है. हालांकि इसमें विश्वास जताया गया है कि विधायक टूटेंगे नहीं. इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर नैतिक रूप से भ्रष्ट होने का आरोप लगाया है. एक ट्टीट में पार्टी ने कहा है कि अगर शिवसेना को अपने ही सहयोगी से विधायक तोड़ने का डर है तो समझा जा सकता है कि भाजपा नैतिक रूप से कितनी भ्रष्ट हो चुकी है.

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है. पिछले विधानसभा चुनाव के विपरीत दोनों पार्टियों ने यह चुनाव मिलकर लड़ा था. 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने इस बार 105 सीटें जीतीं जबकि शिवसेना 56 सीटों पर विजेता रही. शिवसेना नेता संजय राउत कह चुके हैं कि उनकी पार्टी ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करने सहित सत्ता के बंटवारे को लेकर भाजपा से लिखित आश्वासन चाहती है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर चुनाव से पहले ही सहमति हो गई थी. भाजपा इस बात को खारिज कर रही है. इस सबके चक्कर मे चुनाव नतीजे आने के करीब दो हफ्ते बाद भी महाराष्ट्र में सरकार नहीं बन सकी है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को यानी दो दिन बाद खत्म होना है.