पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि करतापुर गलियारे के रास्ते करतारपुर साहिब आने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं को अपने साथ पासपोर्ट लाना होगा. पीटीआई के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने यह बात कही है. उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा कारणों से प्रवेश, पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा. सुरक्षा और संप्रभुता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.’

कुछ ही दिन पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी. उनका यह भी कहना था कि करतारपुर कॉरीडोर के उद्घाटन समारोह के लिए और 12 नवंबर को गुरु नानक की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं. नौ नवंबर को प्रधानमंत्री इमरान खान, भारतीय सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा दरबार साहिब तक बिना वीजा के पहुंच देने वाले करतारपुर गलियारे का उद्घाटन करेंगे.

करतारपुर गलियारा भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा. यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. भारत और पाकिस्तान पिछले साल इस गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे.