अमेरिका की एक अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 20 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है. उन पर यह जुर्माना अपने ही एक धर्मार्थ संगठन के पैसे का गलत इस्तेमाल करने के लिए लगाया गया है. अदालत ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में अपनी फाउंडेशन के नाम पर एक कार्यक्रम का इस्तेमाल किया और इसमें इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल खुद के राजनीतिक और कारोबारी लाभ के लिए किया.

न्यूयॉर्क राज्य के न्यायाधीश सेलियन स्कारपुला ने आदेश दिया है कि डोनाल्ड ट्रंप जुर्माने की यह राशि धर्मार्थ संगठनों को दें. उन्होंने यह फैसला न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ दायर मामले पर सुनाया. यह मामला ट्रंप फाउंडेशन की संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर दायर किया गया था.

डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों मुश्किलों में घिरे हैं. एक दिन पहले ही खबर आई थी कि उनके खिलाफ महाभियोग जांच में अगले हफ्ते से खुली सुनवाई शुरू होगी. इसमें संसदीय समिति के सामने संबंधित अधिकारियों की गवाही का टेलीविजन चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाता है. डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक फायदे के लिए यूक्रेन पर अपने प्रतिद्वंदी जो बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए दबाव बनाया था. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति इस मामले को राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं. उनके कार्यालय ने इस जांच में कोई सहयोग न करने की बात भी कही है.