करतारपुर कॉरीडोर की शुरुआत से एक दिन पहले इसे लेकर एक नया विवाद खड़ा होता दिख रहा है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने यहां स्थित सिख समुदाय के इस पवित्र स्थल पर एक बम डिस्प्ले किया है. कांच के एक शोकेस में रखे गए इस बम के बारे में दावा किया गया है कि इसे 1971 के युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना ने करतारपुर के दरबार साहिब गुरुद्वारे पर गिराया था.

शोकेस के बगल में ही रखे एक बोर्ड पर बम के बारे में जानकारी दी गई है. इसका शीर्षक है : वाहे गुरुजी का चमत्कार. नीचे लिखा है, ‘भारतीय वायु सेना ने 1971 की लड़ाई के दौरान गुरुद्वारा साहिब पर यह बम गिराया था. लेकिन वाहेगुरुजी की कृपा से उसके गलत इरादे नाकामयाब हुए. बम श्री खू साहिब (पवित्र कुआं) में गिरा और दरबार साहिब सुरक्षित रहा. यहां पर ये जिक्र करना भी जरूरी है कि ये वही पवित्र कुआं है जिसके पाने से श्री गुरु नानक देव जी अपने खेतों की सिंचाई किया करते थे.’ भारत की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

इससे पहले करतारपुर कॉरीडोर की शुरुआत के मौके पर पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किया गया एक वीडियो भी विवाद का सबब बन गया था. इसमें जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन खालिस्तानी अलगाववादियों की तस्वीर वाला एक पोस्टर दिख रहा है. इसका भारत ने तीखा विरोध किया था. हाल में खुफिया एजेंसियों के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी आशंका जताई थी कि करतारपुर कॉरीडोर को पाकिस्तान पंजाब में सिख उग्रवाद को फिर से हवा देने के लिए इस्तेमाल कर सकता है.

मान्यता है कि करतारपुर में सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपना अंतिम समय बिताया था. यह पाकिस्तानी पंजाब के नरोवाल जिले में है. रावी नदी के दूसरी ओर भारतीय पंजाब में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से इसकी दूरी करीब चार किलोमीटर है. पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान, करतारपुर साहिब को डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए एक गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे.