दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने शुक्रवार को पुलिस को नोटिस जारी कर उससे तीस हजारी अदालत परिसर में पिछले हफ्ते हुई वकील-पुलिस झड़प पर रिपोर्ट मांगी है. महिला आयोग ने इस झड़प में एक महिला पुलिस अधिकारी पर हुए हमले के मामले में रिपोर्ट तलब की है.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्यक्षेत्र) को भेजे नोटिस में डीसीडब्ल्यू ने कहा कि उसने सोशल मीडिया पर छाये वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें भीड़ एक महिला अधिकारी पर हमला करती हुई नजर आ रही है. इस घटना के एक दूसरे वीडियो में महिला पुलिस अधिकारी वकीलों की भीड़ से हिंसा नहीं करने की गुजारिश करते हुए नजर आ रही है लेकिन भीड़ उनकी बात पर ध्यान नहीं देती है. आयोग ने नोटिस में कहा, ‘वीडियो में ऐसा दिख रहा है कि वह संभवत: भीड़ से हिंसा नहीं करने की दरख्वास्त कर रही है लेकिन लोग उन पर हमला जारी रखे हुए हैं. भीड़ का बर्ताव शर्मनाक है और उससे कड़ाई से निपटने की जरूरत है.’

दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इससे राजधानी में कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है कि महिला पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं है. डीसीडब्ल्यू ने जानना चाहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है या नहीं और यदि दर्ज की गयी है तो उसकी प्रति दी जाए. आयोग ने पूछा कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है तो क्यों नहीं की गयी है. उसने यह भी पूछा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी हुई है या नहीं. 13 नवंबर तक इस मामले में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. शनिवार को हिंसा में कम से कम 20 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गये थे. इसके बाद से दिल्ली में वकील और पुलिस के बीच तनाव जारी है.