सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाएगा. इससे पहले देश भर में संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है. आज सभी अखबारों ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की है कि इस फैसले की किसी की हार या जीत की तरह न देखा जाए और शांति-व्यवस्था बनाए रखी जाए. इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने और चर्चित रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर से नकारात्मक श्रेणी में रखे जाने की खबर भी सभी अखबारों की बड़ी सुर्खियों में शामिल है.

आतिश अली तासीर का ओसीआई कार्ड रद्द होने के मामले में तवलीन सिंह का मोदी सरकार पर निशाना

चर्चित पत्रकार आतिश अली तासीर का ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड रद्द किए जाने पर उनकी मां तवलीन सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. तवलीन सिंह भी वरिष्ठ पत्रकार हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने कहा है कि आतिश अली तासीर के भारत में रहने और काम करने के अधिकार पर तब तक कोई सवाल नहीं किया गया जब तक उनका लिखा एक लेख गृह मंत्री को पसंद नहीं आया. आतिश तब सुर्खियों में आए थे जब आम चुनाव से ठीक पहले टाइम मैगजीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनका एक लेख छपा था जिसका शीर्षक था - इंडियाज डिवाइडर इन चीफ. ओसीआई कार्ड भारतीय मूल के विदेशी लोगों को भारत आने, यहां रहने और काम करने का अधिकार देता है. हालांकि, उन्हें वोट देने और संवैधानिक पद प्राप्त करने जैसे कुछ अन्य अधिकार नहीं होते.

रिजर्व बैंक डीएचएफएल से पीएफ का पैसा वापस कराए : पावर कॉरपोरेशन

बिजली कर्मियों के पीएफ के 2267 करोड़ रुपये दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंसाने वाले अफसरों पर कार्रवाई करने के साथ ही पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अब फंसी रकम निकालने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं. दैनिक जागरण के मुताबिक कॉरपोरेशन ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) को एक पत्र लिखकर पीएफ की ब्याज सहित सुरक्षित वापसी कराने का अनुरोध किया है. बांबे हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखकर पीएफ निकालने के लिए प्रबंधन ने दिल्ली की एक लॉ फर्म को भी नियुक्त किया है. पावर कॉरपोरेशन के यूपी स्टेट पावर सेक्टर इंप्लाईज ट्रस्ट और यूपी पावर कॉरपोरेशन सीपीएफ ट्रस्ट द्वारा डीएचएफएल के फिक्स्ड डिपॉजिट में बड़ी रकम का निवेश किया गया था. इसी बीच बांबे हाई कोर्ट ने एक आदेश से डीएचएफएल में लगाई गई रकम के मूलधन और ब्याज की वापसी पर रोक लगा दी. इससे कर्मचारियों के पीएफ के लगभग 2267 करोड़ रुपये फंस गए हैं.

साइबर विशेषज्ञाें काे संदेह, उत्तर काेरिया ने भारत का मून मिशन हैक किया

भारत जब अपना महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर उतारने की काेशिश कर रहा था तो उसी समय उत्तर काेरिया के साइबर हैकर्स भारत की स्पेस एजेंसी इसराे में सेंध लगा रहे थे. दैनिक भास्कर के मुताबिक साइबर विशेषज्ञाें काे यह आशंका है. अगर ऐसा है तो इसरो देश का पांचवां ऐसा सरकारी संस्थान है जिस पर साइबर हमला हुआ है. आशंका है कि इसराे कर्मचारियाें ने उत्तर काेरिया के स्पैमर्स द्वारा भेजा गया फिशिंग ई-मेल खाेला और उनके सिस्टम पर मैलवेयर इंस्टाल हाे गया. हालांकि अधिकारियाें ने इससे इनकार किया है कि इस साइबर हमले से मून मिशन प्रभावित हुआ, जिसके कारण चंद्रयान-2 की लैंडिंग असफल हुई.