प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज करतारपुर कॉरीडोर का उद्घाटन किया. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान स्थित सिखों के पवित्र स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए 500 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया. सीमा के दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भारतीय तीर्थयात्रियों का स्वागत करेंगे जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल शामिल हैं. गुरुद्वारा दरबार साहिब में ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष गुजारे थे. यह कॉरीडोर गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आम लोगों के लिये खोला गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉरीडोर में भारत की तरफ यात्री टर्मिनल की इमारत का भी उद्घाटन किया जिसे एकीकृत जांच चौकी के तौर पर भी जाना जाएगा. यहां तीर्थयात्रियों को नए बने साढ़े चार किलोमीटर लंबे गलियारे से यात्रा के लिये क्लीयरेंस दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करतारपुर साहिब गलियारे के विषय में भारत की भावनाएं समझने औक उन्हें सम्मान देने के लिए शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, ‘कॉरीडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान को धन्यवाद देता हूं. पाकिस्तान के श्रमिक साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इतनी तेजी से अपनी तरफ के कॉरीडोर को पूरा करने में मदद की.’ इस कॉरीडोर का निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा हुआ है.

करतारपुर कॉरीडोर का उद्घाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि ऐतिहासिक करतारपुर साहिब कॉरीडोर को खोलना क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का प्रमाण है. इसके साथ ही उन्होंने सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर सिख समुदाय को बधाई दी.

करतारपुर स्थित दरबार साहिब पाकिस्तानी पंजाब के नरोवाल जिले में है. रावी नदी के दूसरी ओर भारतीय पंजाब में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से इसकी दूरी करीब चार किलोमीटर है. इसी दूरी को एक गलियारे यानी कॉरीडोर के जरिये पाटा गया है. इसके जरिये रोज 5000 श्रद्धालु करतारपुर स्थित दरबार साहिब के दर्शन कर सकेंगे. पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान, करतारपुर साहिब को डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए इस कॉरीडोर का निर्माण करने पर सहमत हुए थे