राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के विवाद से जुड़े रहे स्थान पर खुदाई के बाद तैयार की गई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा. केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने शनिवार को यह बात कही. अयोध्या विवाद की सुनवाई के दौरान एएसआई की रिपोर्ट को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था.

उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए प्रह्लाद पटेल ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए एएसआई की टीम की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘एएसआई की रिपोर्ट अब तक न्यायालय की संपत्ति थी. उसे जल्दी ही पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा. मैं उन विशेषज्ञों का आभारी हू जिन्होंने रिपोर्ट तैयार की.’

एएसआई के दल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर राम जन्मभूमि स्थल की 2003 में खुदाई की थी. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में विवादित स्थल के नीचे की संरचना इस्लामिक नहीं थी. लेकिन एएसआई यह साबित नहीं कर सकी कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन रामलला को देने और मुस्लिम पक्ष को अलग कहीं पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है.