हांगकांग के प्रदर्शनकारियों ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के कार्यालय में तोड़फोड़ की | रविवार, 03 नवंबर 2019

सरकार के खिलाफ महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली बार प्रदर्शनकारियों ने चीन की आधिकारिक शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के हांगकांग कार्यालय में तोड़फोड़ की. स्थानीय मीडिया ने हांगकांग के वान चाई जिले में शिन्हुआ कार्यालय में एक स्थान पर आग लगने और टूटी खिड़कियां समेत तोड़फोड़ के कई अन्य दृश्य दिखाए. फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि घटना के वक्त क्या इमारत के भीतर लोग मौजूद थे.

चीन के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट करते हुए प्रदर्शनकारी चीन से जुड़े बैंक और कारोबारी प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके अधिकार छीने जा रहे हैं. शनिवार सुबह भी सरकारी इमारतों के कुछ प्रदर्शनकारियों ने गैसोलीन बम फेंके जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की.

आरसीईपी को भारत की ना, नरेंद्र मोदी ने कहा - मेरी अंतरात्मा इसकी इजाजत नहीं दे रही | सोमवार, 04 नवंबर 2019

भारत ने क्षेत्रीय विस्तृत आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) नाम के चर्चित व्यापार समझौते में शामिल होने से फिलहाल इनकार कर दिया. बैंकॉक में इस पर बातचीत के लिए जुटे 16 देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-टूक कहा कि समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘न तो गांधी के सिद्धांत और न ही मेरी अंतररात्मा इसमें शामिल होने की इजाजत दे रही है.’

वैसे थाईलैंड रवाना होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कह दिया था कि आरसीईपी के लिए राजी होने से पहले भारत इस बात पर गौर करेगा कि क्या उसके हितों का पूरी तरह से ख्याल रखा जा रहा है. इस समझौते के लिए हुई बैठक के दौरान उन्होंने उन देशों को भी नसीहत दी कि जो भारत पर इस समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब वे दिन नहीं हैं जब बड़ी शक्तियां भारत पर वैश्विक सौदेबाजी का दबाव बनाने में सफल हो जाती थीं.

आरसीईपी पर भारत की ना के बाद चीन का बयान - चिंताओं पर बातचीत को तैयार | मंगलवार, 05 नवंबर 2019

चीन ने कहा है कि वह क्षेत्रीय विस्तृत आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) नाम के चर्चित व्यापार समझौते को लेकर भारत की चिंताओं पर बातचीत करने के लिए तैयार है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने यह बात कही. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा कि आपसी समझ और सामंजस्य के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की जाएगी. गेंग शुआंग का कहना था, ‘हम इसमें जल्द से जल्द भारत को शामिल करना चाहते हैं. भारत के पास 2.7 अरब लोगों का विशाल बाज़ार है. हम दोनों साथ मिलकर काम करेंगे तो ये दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा.’

इससे पहले भारत ने आरसीईपी में शामिल होने से फिलहाल इनकार कर दिया था. बैंकॉक में इस पर बातचीत के लिए जुटे 16 देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-टूक कहा कि समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘न तो गांधी के सिद्धांत और न ही मेरी अंतररात्मा इसमें शामिल होने की इजाजत दे रही है.’

करतारपुर कॉरीडोर पर पाकिस्तान के वीडियो में भिंडरावाले का पोस्टर दिखने पर विवाद | बुधवार, 06 नवंबर 2019

करतारपुर कॉरीडोर की शुरुआत से पहले पाकिस्तान द्वारा इससे जुड़ा एक प्रमोशनल वीडियो विवादों में घिर गया. इसकी वजह इस वीडियो में दिख रहा एक पोस्टर जिसमें भिंडरावाले सहित तीन खालिस्तानी अलगाववादियों की तस्वीर के साथ रेफरेंडम 2020 लिखा हुआ है.

चार मिनट लंबा यह वीडियो पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जारी किया. वीडियो शुरू होने के कुछ देर बाद ही पाकिस्तान के एक गुरुद्वारे में जाते सिख तीर्थयात्री दिखते हैं जहां यह पोस्टर लगा हुआ है. इसमें भिंडरावाले के अलावा पूर्व मेजर जनरल शाहबेग सिंह और अमरीक सिंह खालसा दिखते हैं. ये तीनों ही 1984 में स्वर्णमंदिर में सेना की कार्रवाई में मारे गए थे.

बुर्कीना फासो : आतंकी हमले में 37 लोगों की मौत | गुरूवार, 07 नवंबर 2018

बुर्कीना फासो में हुए एक आतंकी हमले में 37 लोगों की मौत हो गई. पीटीआई के मुताबिक यह हमला एक कनाडाई खनन कंपनी के कर्मचारियों के काफिले पर घात लगाकर किया गया. इस पश्चिम अफ्रीकी देश में यह पिछले करीब पांच साल में हुआ सबसे घातक आतंकी हमला है.

बुर्कीना फासो के पूर्वी क्षेत्र के गवर्नर सैदोउ सानोउ ने बताया कि अज्ञात सशस्त्र लोगों ने उन पांच बसों पर घात लगाकर हमला किया जिनमें सेमाफो खनन कंपनी के स्थानीय कर्मी, ठेकेदार और आपूर्तिकर्ता सवार थे. उन्होंने बताया कि इस हमले में 60 अन्य लोग घायल भी हुए हैं. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक वाहनों के काफिले के पीछे चल रहा सेना का एक वाहन भी विस्फोटक की चपेट में आ गया. यह पिछले 15 महीनों में सेमाफो पर तीसरा घातक हमला है. इस कंपनी की देश में दो खदानें हैं.

धर्मार्थ संगठन के पैसे का गलत इस्तेमाल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप पर 20 लाख डॉलर का जुर्माना | शुक्रवार, 08 नवंबर 2019

अमेरिका की एक अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 20 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया. उन पर यह जुर्माना अपने ही एक धर्मार्थ संगठन के पैसे का गलत इस्तेमाल करने के लिए लगाया गया. अदालत ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में अपनी फाउंडेशन के नाम पर एक कार्यक्रम का इस्तेमाल किया और इसमें इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल खुद के राजनीतिक और कारोबारी लाभ के लिए किया.

न्यूयॉर्क राज्य के न्यायाधीश सेलियन स्कारपुला ने आदेश दिया कि डोनाल्ड ट्रंप जुर्माने की यह राशि धर्मार्थ संगठनों को दें. उन्होंने यह फैसला न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ दायर मामले पर सुनाया. यह मामला ट्रंप फाउंडेशन की संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर दायर किया गया था.

अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान में क्या-क्या कहा जा रहा है? | शनिवार, 09 नवंबर 2019

अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान से भी प्रतिक्रिया आई. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने करतारपुर कॉरीडोर खोले जाने के दिन आए इस फैसले पर सवाल उठाए. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘क्या इसको थोड़े दिन टाला नहीं जा सकता था? मैं इस खुशी के मौके पर दिखाए गई असंवेदनशीलता से बेहद दुखी हूं.’

करतारपुर कॉरीडोर के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन का जिक्र करते हुए शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ‘आपको इससे ध्यान भटकाने की बजाय इस खुशी के मौके का हिस्सा बनना चाहिए था. यह विवाद संवेदनशील था और उसे इस शुभ दिन का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए था.’ यह कॉरीडोर गुरदासपुर में बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ता है. कहा जाता है कि यहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए थे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि मुसलमान भारत में पहले ही काफी दबाव में है और सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन पर और दबाव बढ़ाएगा.

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