भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का रविवार को चेन्नई में निधन हो गया. वे 86 वर्ष के थे. शेषन को चुनाव सुधारों की दिशा में उनके असाधारण योगदान के लिए जाना जाता है.

पीटीआई के मुताबिक पूर्व चुनाव आयुक्त का स्वास्थ्य पिछले कुछ वर्षों से ठीक नहीं था और दिल का दौरा पड़ने से रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया.

अपनी स्पष्टवादिता के लिए मशहूर टीएन शेषन बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ वर्षों से सिर्फ अपने आवास पर ही रहा करते थे. उनकी मृत्यु के बाद पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने एक ट्वीट के जरिये कहा है कि शेषन ‘अपने क्षेत्र के महारथी और अपने उत्तराधिकारियों के लिए प्रेरक थे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’

कांग्रेस नेता शशि थरुर ने भी ट्वीट करके कहा है, ‘वे विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ में मेरे पिता के सहपाठी थे. वे एक साहसी बॉस थे जिसने चुनाव आयोग के अधिकार और स्वायत्तता को जिस तरह से स्थापित किया था वैसा पहले नहीं हुआ था.’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुताबिक शेषन एक असाधारण नौकरशाह थे जिन्होंने बहुत परिश्रम और निष्ठा के साथ देश की सेवा की. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि ‘चुनावी सुधार की दिशा में उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को और मजबूत तथा भागीदारीपूर्ण बनाया. उनके निधन से मुझे दुख हुआ है. ओम शांति.’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट करके कहा है कि ‘पूर्व मुख्य आयुक्त टीएन शेषन के निधन की सूचना से मैं दुखी हूं. उन्होंने भारत की चुनावी संस्था के सुधार और उसे मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. देश उन्हें हमेशा लोकतंत्र के पथप्रदर्शक के रूप में याद रखेगा. मेरी प्रार्थना उनके परिवार के साथ है.’

शेषन 12 दिसंबर, 1990 से लेकर 11 दिसंबर, 1996 तक देश के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे और इस दौरान उन्होंने चुनाव सुधारों की दिशा में काफी काम किया. कहा जाता है कि शेषन ने अपने कार्यकाल में चुनावों के दौरान बाहुबल और धन के महत्व को कम करने के लिए कठोर कदम उठाए. उनका जन्म केरल के पलक्कड़ जिले के तिरुनेल्लाई में हुआ था.