महाराष्ट्र में शिवसेना को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी समर्थन देंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक खत्म हो गई है. पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आगे की रणनीति को लेकर अब शाम चार बजे महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक में फैसला लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस का एक खेमा सरकार में शामिल होने के पक्ष में है तो दूसरा बाहर से समर्थन देने के पक्ष में.

उधर, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि शिवसेना को समर्थन देना नहीं है या नहीं, इसे लेकर सब कुछ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निर्भर है. शरद पवार आज उनसे मुलाकात भी कर सकते हैं. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा ‘हमने (कांग्रेस और एनसीपी ने) एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. जो भी फैसला होगा, हम एक साथ मिलकर लेंगे.’

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना को राज्यपाल का आमंत्रण मिलने के बाद सरकार गठन में कांग्रेस की भागीदारी को लेकर रविवार से ही गहन चर्चा शुरू हो गई थी. राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने के लिए तब आमंत्रित किया जब भाजपा ने घोषणा की कि वह राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. पार्टी के सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों ने इस मुद्दे पर रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जयपुर में मुलाकात की थी और कहा था कि वे राज्य में फिर से चुनाव नहीं चाहते हैं. ये सभी विधायक जयपुर के एक रिजॉर्ट में रुके हुए हैं.

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के पास राज्य में सरकार बनाने की दावेदारी करने के लिए सोमवार को शाम साढ़े सात बजे तक का समय है. शिवसेना नेता संजय राउत कह चुके हैं कि अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी का ही होगा.