केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सोमवार को जेएनयू छात्रों का विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) में छह घंटे से भी अधिक समय तक फंसे रहे. इसके चलते निशंक को दिन के अपने दो कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा.

सोमवार को मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखिरयाल ‘निशंक’ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए एआईसीटीई पहुंचे थे. वहीं, दूसरी तरफ जेएनयू के छात्र विश्वविद्यालय छात्रावास की शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध जताने के लिए सैकड़ों की संख्या में एआईसीटीई मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए थे. छात्र एआईसीटीई की ओर मार्च करना चाहते थे जहां एक ऑडिटोरियम में दीक्षांत समारोह होने वाला था. जेएनयू से लगभग तीन किलोमीटर दूर एआईसीटीई के द्वारों को बंद कर दिया गया और सुबह शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर परिसरों के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था. लेकिन छात्रों के प्रदर्शन ने तेजी पकड़ ली और वे बैरिकेड तोड़कर एआईसीटीई की तरफ बढ़ गए.

उपराष्ट्रपति नायडू विरोध प्रदर्शन तेज होने से पहले ही एआईसीटीई परिसर से निकल गये थे, लेकिन रमेश पोखरियाल निशंक को परिसर के भीतर ही रहना पड़ा. करीब छह घंटे बाद मंत्री निशंक शाम लगभग चार बजकर 15 मिनट पर एआईसीटीई परिसर से निकल सके. जेएनयू के छात्रों का कहना है कि सरकार हॉस्टल फीस बढ़ाने के साथ कैंपस में तमाम छात्र विरोधी नीतियां लागू कर रही है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन किया जा रहा है.