चीन ने अफगान शांति प्रक्रिया में बड़ी भूमिका निभाने का फैसला किया है. चीन ने सोमवार को कहा कि वह अफगानिस्तान को युद्ध से निकालने के लिए अपने यहां अफगान अधिकारियों एवं तालिबान के बीच बैठक करवाएगा.

अब तक तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार से सीधी बातचीत करने से इनकार किया है. वह अभी तक अमेरिका के साथ वार्ता कर रहा था, लेकिन सितंबर में यह वार्ता भी टूट गयी.

पीटीआई के मुताबिक सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम अफगानिस्तान सरकार और तालिबान समेत सभी पक्षों के बीच सकारात्मक वार्ता का समर्थन करते हैं. सभी पक्षों की इच्छा का सम्मान करते हुए हम सभी पक्षों को वार्ता के लिए मंच उपलब्ध कराना और शांति एवं सुलह प्रक्रिया में मदद पहुंचाना चाहते हैं. चीन अपने यहां यह बैठक करवाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में बना हुआ है.’

गेंग शुआंग से जब अफगान सरकार के साथ वार्ता करने की तालिबान की आपत्ति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दोहराया कि चीन इस बैठक के लिए अफगानिस्तान के सभी प्रासंगिक पक्षों के साथ संपर्क में है. उन्होंने यह भी कहा, ‘सभी पक्ष में अफगान सरकार और अफगान तालिबान शामिल हैं.’ गेंग शुआंग के मुताबिक इस बारे में आगे का ब्योरा जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा.

बीते सितंबर में तालिबान की अमेरिका से बातचीत टूटने के बाद चीन ने तालिबान के प्रतिनिधिमंडल की बीजिंग में मेजबानी की थी. तालिबान के इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई संगठन के बड़े नेता मुल्ला बारादार ने की थी. उन्होंने इस बैठक के दौरान अफगानिस्तान पर चीन के विशेष दूत डेंग जिजून के साथ बातचीत की थी.