महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक कवायदें जारी हैं. पीटीआई के मुताबिक आज कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने शरद पवार से बात की है. पहले खबर आई थी कि इसके बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल शरद पवार से मिलने के लिए मुंबई रवाना हो रहे हैं. लेकिन अब बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने अपना दौरा टाल दिया है. महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने पीटीआई को बताया कि इसकी वजह शरद पवार हैं जिन्होंने सरकार गठन के लिए पहले दोनों दलों के राज्य स्तरीय नेताओं के बीच बातचीत की बात कही है.

माणिकराव ठाकरे ने कहा, ‘शिवसेना को बातचीत के लिए बुलाने से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता मंगलवार को एनसीपी के अपने समकक्षों के साथ सरकार गठन की व्यापक रूपरेखा के बारे में चर्चा करेंगे.’ उनके मुताबिक दोनों दलों के एक समझौते पर पहुंचने के बाद इस चर्चा में शिवसेना के नेता शामिल हो सकते हैं. ठाकरे का कहना था, ‘शरद पवार ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया है कि वे दिल्ली जाकर, उसके साथ मिलकर समझौते को अंतिम रूप देंगे.’

शिवसेना ने सोमवार को दावा किया था कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना उसकी सरकार का समर्थन करने के लिए एनसीपी और कांग्रेस ‘सैद्धांतिक समर्थन’ देने पर सहमत हो गई हैं. लेकिन वह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा तय समयसीमा के पहले इन दलों से समर्थन पत्र नहीं ले सकी. राज्यपाल ने तीन दिन की और मोहलत देने के शिवसेना के अनुरोध को ठुकरा दिया था. विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के सरकार बनाने से इनकार करने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को न्योता दिया था. राज्यपाल ने अब एनसीपी को न्योता दिया है. यानी अब गेंद उसके पाले में है.

राज्य में 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी. यानी अगर तीनों पार्टियां सरकार बनाने का फैसला करती हैं तो सदन में उनके विधायकों की कुल संख्या 154 होगी जो बहुमत के 145 के आंकड़े से अधिक है.