शिवसेना ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए और समय न दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पार्टी को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए सोमवार शाम 7.30 बजे तक का समय दिया था. कल शिवसेना ने कहा कि वह और समय चाहती है. लेकिन राज्यपाल ने इससे इनकार करते हुए एनसीपी को न्योता दे दिया. उसे आज शाम साढ़े आठ बजे तक का वक्त दिया गया है.

इससे पहले खबर आई थी कि राज्यपाल ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है और केंद्र ने भी इसकी अनुशंसा कर दी है. यानी इस पर अब राष्ट्रपति को फैसला लेना है.

शिवसेना ने सोमवार को दावा किया था कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना उसकी सरकार का समर्थन करने के लिए एनसीपी और कांग्रेस ‘सैद्धांतिक समर्थन’ देने पर सहमत हो गई हैं. लेकिन वह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा तय समयसीमा के पहले इन दलों से समर्थन पत्र नहीं ले सकी. विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के सरकार बनाने से इनकार करने के बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को न्योता दिया था.

राज्य में 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी. यानी अगर तीनों पार्टियां सरकार बनाने का फैसला करती हैं तो सदन में उनके विधायकों की कुल संख्या 154 होगी जो बहुमत के 145 के आंकड़े से अधिक है