कांग्रेस ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने के लिए उनकी आलोचना की है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्होंने ‘न्याय का हनन’ किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पर राकांपा, शिवसेना और भाजपा को सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित करने के लिए ‘मनमाने ढंग से’ समय देने का आरोप भी लगाया. रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘ये बेईमानी से भरा हुआ और राजनीति से प्रेरित है.’ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘राज्यपाल कोश्यारी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करके लोकतांत्रिक न्याय का हनन किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है.’

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी के कार्यालय द्वारा ट्विटर पर जारी किए गए एक बयान में कहा गया, ‘उन्हें विश्वास है कि संविधान के अनुरूप सरकार का गठन नहीं किया जा सकता है. इसलिए आज संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों को लागू करने की रिपोर्ट भेजी है.’ भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने का दावा करने के लिए मंगलवार शाम साढ़े आठ बजे तक का समय दिया था और इस बीच उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की रिपोर्ट भेज दी.