महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज ही केंद्र सरकार को भेजी अपनी सिफारिश में कहा था कि उनके तमाम प्रयासों के बावजूद राज्य में सरकार नहीं बन पा रही है इसलिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाए. इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रपति को भेज दिया था.

पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. राज्य की विधानसभा अब निलंबित अवस्था में रहेगी.’

इससे पहले राज्यपाल ने केंद्र सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन बाद भी एक स्थायी सरकार संभव नहीं है. सरकार गठन के लिए सभी प्रयास किए गए हैं, लेकिन उन्हें स्थायी सरकार बनने की कोई संभावना नहीं दिखती. उन्होंने कहा था कि राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है और इसलिए वे संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत यह रिपोर्ट भेजने के लिए विवश हैं.

इसके बाद मंगलवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल कोश्यारी की सिफारिश पर विचार करने के बाद उसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दिया गया. कैबिनेट ने अपनी सिफारिश में कहा कि राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 356(1) के तहत महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा करें और राज्य विधानसभा को निलंबित अवस्था में रखें.