महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राजनीति और तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अब पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने मोर्चा संभाला है. मंगलवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘राज्य में जल्द ही हम सरकार बनाएंगे और जब भी राज्यपाल के पास जाएंगे 145 के आंकड़े के साथ ही जाएंगे. देवेंद्र फडणवीस इस दिशा में सभी प्रयास कर रहे हैं...मैं भाजपा की सरकार बनवाने के लिए पूरी कोशिश करूंगा. सरकार बनाने के लिए जो करना होगा करेंगे.’

इस दौरान नारायण राणे ने शिवसेना पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा शिवसेना ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया, इस समय कांग्रेस और एनसीपी दोनों उसे बेवकूफ बना रहे हैं.

भाजपा नेताओं के इन बयानों से पहले शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा, ‘हम अभी भी सरकार बना सकते हैं. हमें थोड़ा वक्त चाहिए. एनसीपी कांग्रेस से बात चल रही है. हमने राज्यपाल से सरकार बनाने की इच्छा जताई थी. राज्यपाल ने हमें समय नहीं दिया. शिवसेना को समय की जरूरत है.’ उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि भाजपा के साथ सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन उन्होंने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद शिवसेना को देने का वादा किया था जिसे उन्होंने नहीं निभाया.

इससे पहले मंगलवार शाम को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा भेजी गयी सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हरी झंडी दिखा दी.