भारत की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया ढहने के कगार पर है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ब्रिटेन स्थित वोडाफोन समूह के सीईओ निक रीड ने यह बात कही है. उनके मुताबिक अगर सरकार ने ऑपरेटरों पर ऊंचे कर और शुल्क की मार जारी रखी तो भारत में वोडाफोन का भविष्य खतरे में है.

बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल को बड़ा झटका देते हुए उनसे केंद्र सरकार को 92 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा था. यह पैसा पुराने शुल्क के मद में दिया जाना था. इस मुद्दे को लेकर सरकार और दूरसंचार कंपनियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन दोनों कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई थी.

वोडाफोन और आइडिया ने 2018 में संयुक्त उपक्रम की घोषणा की थी. फिलहाल कंपनी के पास 30 करोड़ ग्राहक हैं जो कुल बाजार का 30 फीसदी है. निक रीड ने कहा कि वोडाफोन-आइडिया को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी ने सरकार से कहा है कि उसे पैसे के भुगतान के लिए समय देने में उदारता बरती जाए. निक रीड का कहना था कि हालात ऐसे ही रहे तो वोडाफोन की भारत में और निवेश करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.