महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. अमित शाह ने कहा है कि शिवसेना की कुछ मांगें ऐसी थीं जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता.

बुधवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा था कि अगर गठबंधन जीतता है तो देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री होंगे. तब किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई. लेकिन अब वे नई मांगों के साथ आए हैं, जो हमें स्वीकार्य नहीं है.’

अमित शाह ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा लिए गए फैसलों का भी बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल महोदय ने कहीं पर भी संविधान को तोड़ने मरोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया है. एनसीपी ने 11:30 से 12 बजे के बीच में पत्र लिखकर अपनी असमर्थता जता दी थी कि आज शाम (मंगलवार शाम) 8:30 बजे तक हम सरकार नहीं बना सकते. इसके बाद रुकने की कोई जरूरत ही नहीं थी.’

गृहमंत्री का आगे कहना था, ‘इस मामले में जल्दबाजी नहीं की गई है. 18 दिन का समय दिया गया था. राज्यपाल ने सभी पार्टियों को तभी बुलाया जब विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया. न तो शिवसेना, न ही कांग्रेस-एनसीपी ने दावा किया और न ही हमने. अगर आज भी किसी पार्टी के पास संख्या है तो वह राज्यपाल से संपर्क कर सकती है. अगर आज भी किसी दल के पास नंबर है तो वह राज्यपाल के पास जा सकता है.’