एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के मुख्य न्यायाधीश का दफ्तर भी आरटीआई के दायरे में आता है. शीर्ष अदालत ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 2010 में दिए गए फैसले को बरकरार रखा है. यह खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जज भी संवैधानिक पद होते हैं और इसलिए वे कानून से ऊपर नहीं होते. इसके अलावा शीर्ष अदालत ने कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने वाला पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का फैसला भी बरकरार रखा है. हालांकि उसने इन विधायकों को पांच दिसंबर को होने वाला उपचुनाव लड़ने की छूट दे दी है. यह खबर भी आज सभी अखबारों की बड़ी सुर्खी है.

डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग की सार्वजनिक सुनवाई शुरू

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक सुनवाई शुरू हो गई है. दैनिक जागरण के मुताबिक टीवी कैमरों के सामने हो रही सुनवाई की शुरुआत प्रतिनिधि सभा की खुफिया मामलों की संसदीय समिति के प्रमुख एडम स्किफ ने की. दुनिया में करोड़ों लोग सुनवाई का सजीव प्रसारण देख रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी जो बाइडेन के खिलाफ जांच को लेकर एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष पर दबाव बनाने का आरोप है. उधर, डोनाल्ड ट्रंप ने महाभियोग की प्रक्रिया को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है.

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है!

मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान कई अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर दी है. बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए सरकार आर्मी एक्ट में संशोधन कर सकती है. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव की सजा पर पुनर्विचार करने को कहा था. हालांकि पाकिस्तान की सेना ने इस खबर को खारिज कर दिया है. पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है कि इस मामले में वक्त आने पर चीजें साझा की जाएंगी.

अयोध्या मामले में पहले मुस्लिम याचिकाकर्ता के बेटे ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कही

अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मामले में पहले मुस्लिम याचिकाकर्ता के बेटे ने पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पहले मुस्लिम याचिकाकर्ता के बेटे मोहम्मद उमर ने कहा है कि उन्होंने यह फैसला ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मंजूरी के बाद लिया है. उनका कहना था कि वे जमीन के टुकड़े के लिए नहीं बल्कि बाबरी मस्जिद के लिए लड़ रहे थे. उधर, निर्मोही अखाड़े ने ने पहले पुनर्विचार याचिका न दायर करने की बात कही थी, लेकिन अब वह भी इस पर विचार कर रहा है.

खुदरा महंगाई दर बढ़ी

बीते महीने खुदरा महंगाई दर 4.62 प्रतिशत रही. जनसत्ता ने केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से यह खबर दी है. इनके मुताबिक यह बीते 16 महीनों में खुदरा महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है. माना जा रहा है कि इसेक पीछे फल, सब्जियों और दालों के दाम में बढ़ोतरी की प्रमुख भूमिका है. अगले महीने रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक है. माना जा रहा है कि ऊंची खुदरा मुद्रास्फीति को देखते हुए इसमें नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश काफी कम रह गई है.