प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की. पीटीआई के मुताबिक दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती और नई ताकत देने के लिए व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों पर गहन संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील पहुंचे हैं. ब्रिक्स विश्व की पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन से अलग एक बैठक में चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि हाल में चेन्नई में दोनों नेताओं की अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा और दिशा मिली है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत सार्थक रही. दोनों के बीच व्यापार और निवेश समेत अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई.

इस संबंध में जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से कहा, ‘मैं आपसे एक बार फिर मिलकर खुश हूं. जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो हम पहली बार ब्राजील में ही मिले थे... और हमारी यात्रा शुरू हुई थी. अनजान लोगों की यह यात्रा आज करीबी दोस्ती में बदल गई है. इसके बाद हम कई मंचों, द्विपक्षीय कार्यक्रमों में मिले हैं. आप मेरे गृह राज्य गए, आप बीजिंग के बाहर वुहान में मेरी अगवानी करने आए... ये इतनी महत्वपूर्ण बातें हैं जो कि पांच सालों के भीतर हुईं.... इतने भरोसे के और मैत्रीपूर्ण संबंध बन गए हैं.’

दोनों नेताओं के बीच 11-12 अक्टूबर को चेन्नई के समीप मामल्लापुरम में दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन हुआ था. उस दौरान दोनों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी. नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने आतंकवाद, कट्टरपंथ से संयुक्त रूप से लड़ने, द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी.

उधर, शी जिनपिंग ने शंघाई में हुए चीन आयात निर्यात एक्सपो में भारत की पर्याप्त भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने चेन्नई में दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में उनकी मेजबानी के लिए नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा कि वे प्रधानमंत्री और भारतीयों की आवभगत को नहीं भूलेंगे. शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2020 में चीन में तीसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है. इसके लिए तारीख और जगह का निर्धारण राजनयिक माध्यमों से किया जाएगा.

दोनों नेताओं की यह मुलाकात उस समय हुई है जब कुछ दिन पहले भारत ने चीन समर्थित आरसीईपी समझौते से यह कहते हुए किनारा कर लिया था कि प्रस्तावित समझौते का भारत और भारतीयों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक हुई. इसमें दोनों नेताओं ने आपस में विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. इसके अलावा व्लादिमीर पुतिन ने मोदी को अगले वर्ष मई में रूस में होने वाले विजय दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजबान देश ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, संपर्क और लोगों के बीच परस्पर संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के तरीकों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जायर बोलसोनारो को 2020 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया और ब्राजील के राष्ट्रपति ने यह निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स बिजनेस फोरम के समापन समारोह में भी हिस्सा लिया. उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे खुली और निवेश के लिए अनुकूल अर्थव्यवस्था बताते हुए ब्रिक्स देशों की कंपनियों और कारोबारियों से भारत आने की अपील की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती के बावजूद ब्रिक्स देशों ने आर्थिक वृद्धि को गति दी है.