देश की राजधानी दिल्ली शुक्रवार को भी धुंध की मोटी चादर में लिपटी रही. सुबह 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 467 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर’ की श्रेणी में आता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सभी निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पायी गयी. यह लगातार चौथा दिन था जब ऐसा रहा. एक्यूआई 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर एवं आपात’ माना जाता है. इसके अलावा दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से कम से कम आठ गुना अधिक था. इसके कारण लोग गला खराब होने, आंखों में खुजली होने, सांस लेने में समस्या होने और सूखी खांसी जैसी परेशानियों से जूझते रहे.

शहर के अलावा एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के कारण छाई धुंध को देखते हुए स्कूल शुक्रवार को भी बंद रहे. अधिकारियों ने बताया कि हवा की धीमी गति भी प्रदूषण बढ़ने का एक कारण है क्योंकि इसके कारण प्रदूषक तत्व एक ही स्थान पर ठहरे रहते हैं और यहां-वहां छितर नहीं पाते. सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी और पूर्वानुमान सेवा ‘सफर’ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में कहीं कहीं बारिश होने की संभावना है. शनिवार तक हवा की गति बढ़ने का पूर्वानुमान जताया गया है जिससे वायु गुणवत्ता थोड़ी सुधरने की उम्मीद है.

उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सम-विषम योजना की अवधि बढ़ाए जाने पर अंतिम फैसला सोमवार को किया जाएगा. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने, ‘हम नहीं चाहते कि लोगों को अनावश्यक असुविधा हो.’ यह योजना चार नवंबर से शुरू की गई थी और शुक्रवार को समाप्त हो रही है.