‘राज्य में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की सरकार बनेगी और यह पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी.’ 

— शरद पवार, एनसीपी मुखिया

शरद पवार के इस बयान के साथ महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद छाई सियासी अनिश्चितता की धुंध छंटती दिख रही है. बताया जा रहा है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाने के लिए एक फॉर्मूले पर सहमत हो गई हैं. चर्चा है कि तीनों पार्टियों के नेता कल राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

‘कोई मंदी नहीं है! लोग शादी कर रहे हैं, हवाई अड्डे ठसाठस हैं, अर्थव्यवस्था अच्छी है’ 

— सुरेश अंगड़ी, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री

केंद्रीय मंत्री सुरेश अंगड़ी ने यह बात अर्थव्यवस्था के बारे में विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए कही. उनका कहना था कि अर्थव्यवस्था में हर तीन वर्ष में नरमी आती है और यह जल्द ही रफ्तार पकड़ लेगी. उन्होंने विपक्ष की आलोचना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की साजिश बताया.


‘क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है.’

— नितिन गडकरी, भाजपा नेता और केंद्रीय परिवहन मंत्री

नितिन गडकरी की यह टिप्पणी महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात पर आई. एक बिजनेस पत्रिका के आयोजन में उन्होंने कहा कि ‘कभी आपको लगता है कि आप मैच हार रहे हैं लेकिन परिणाम एकदम विपरीत होता है.’ उन्होंने महाराष्ट्र के सियासी संकट पर कोई और टिप्पणी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे दिल्ली में अधिक समय गुजारते हैं. नितिन गडकरी का बयान ऐसे वक्त आया है जब भाजपा से अलग हो चुकी शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की मदद से सरकार बनाने का प्रयास कर रही है.


‘सीरिया में एक करोड़ से अधिक लोगों को सहायता की आवश्यकता है.’ 

— मार्क लोकॉक, संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवीय अभियानों के प्रमुख

मार्क लोकॉक की यह चिंता सीरिया में जारी मानवीय संकट पर चिंता जताते हुए आई है. उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र और बाकी सहायता एजेंसियां 56 लाख लोगों तक ही मदद पहुंचा पा रही हैं. सीरिया में पिछले सात साल से जारी गृह युद्ध में अब तक ढाई लाख से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और लाखों अन्य शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं.