कांग्रेस ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने शुक्रवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपात स्थिति पर संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कितनी बैठकें की हैं.

पीटीआई के मुताबिक पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘प्रदूषण की आपात स्थिति है, इसमें कई पक्ष हैं, अलग-अलग राज्य हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय का कर्तव्य बनता था कि बैठकें बुलाते, इनमें विशेषज्ञ एवं संबंधित पक्षों को बुलाते ताकि कोई समाधान निकाला जा सके. लेकिन ऐसा नहीं हुआ...हम यह जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ कितनी बैठकें की हैं?’

कांग्रेस प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोपों को लेकर कहा, ‘अरविंद केजरीवाल के लिए यह कहना बड़ा आसान है कि केन्द्र सरकार जिम्मेदार है, केन्द्र सरकार के लिए यह कहना बड़ा आसान है कि केजरीवाल जिम्मेदार हैं. कभी ये दोनों मिलकर कह देते हैं कि गरीब किसान जिम्मेदार हैं. लेकिन, इन दोनों की जिम्मेदारी क्या है?’

दिल्ली-एनसीआर में लगातार चौथे दिन हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली में संसदीय समिति की एक बैठक बुलाई गयी थी. लेकिन, इस बैठक में कई सांसद, पर्यावरण मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, दिल्ली विकास प्राधिकरण एवं नगर निगमों के आयुक्त शामिल नहीं हुए. इस वजह से इन नेताओं और अधिकारियों की काफी आलोचना हो रही है.