शरद पवार ने ऐलान किया है कि महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाएंगी. उनका यह दावा भी किया कि यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी. इस खबर को आज के ज्यादातर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के चलते हालात फिर गंभीर होने से जुड़ी अलग-अलग खबरों को भी अखबारों ने प्रमुख सुर्खियों में शामिल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कल इन हालात पर नाराजगी जताई और कहा कि इनसे निपटने के लिए ऑड-ईवन योजना काफी नहीं है.

राहुल और सोनिया गांधी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के टैक्स का मामला खुल सकता है

यंग इंडियन मामले में गांधी परिवार को झटका लगा है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के टैक्स का मामला खुल सकता है. दैनिक जागरण के मुताबिक इनकम टैक्स टिब्यूनल ने यंग इंडियन को गैर-लाभकारी संस्था बताने के गांधी परिवार के दावे को खारिज कर दिया है. टिब्यूनल में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कांग्रेस पार्टी ने यंग इंडियन को लोन दिया था, जिससे उसने एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के साथ मिलकर बिजनेस किया था. रिपोर्ट के मुताबिक अब कांग्रेस को इनकम टैक्स में मिलने वाली छूट खत्म हो सकती है क्योंकि उसने इन कंपनियों को मदद करके नियमों का उल्लंघन किया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के डायरेक्टर हैं. दोनों के पास कंपनी की 36-36 फीसद हिस्सेदारी है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की साथी जजों को सलाह

अयोध्या भूमि विवाद में फैसला सुनाने वाले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट में कल आखिरी दिन आए. दैनिक भास्कर के मुताबिक अपने कार्यकाल के अंतिम दिन उन्होंने साथी जजों को मीडिया से दूरी बनाए रखने की नसीहत दी. जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि न्यायाधीश अपनी आजादी का इस्तेमाल करते हुए चुप्पी बनाए रखें. उनका कहना था, ‘ऐसा नहीं है कि जज बोलते नहीं. वे बोलते हैं, लेकिन जब उनके कार्य की अनिवार्यता हो. इससे आगे बिल्कुल नहीं.’ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर यानी कल रिटायर हो जाएंगे.

नागरिकता संशोधन विधेयक संसद के इसी सत्र में

सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करेगी. हिंदुस्तान टाइम्स ने यह खबर दी है. संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू हो रहा है. नागरिकता संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद अफगानिस्तान, हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल की बजाय महज छह साल में ही भारतीय नागरिकता मिल सकेगी. पूर्वोत्तर में इस विधेयक का काफी विरोध हो रहा है. वहां का एक बड़ा तबका इसे राज्यों की सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ बता रहा है. कांग्रेस ने भी इस विधेयक का विरोध करने की बात कही है.