‘राजनीतिक दल और कारोबारी समूह अखबार शुरू कर अपने हितों को बढ़ावा दे रहे हैं.’

— वेंकैय्या नायडू, उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने यह बात राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर दिल्ली में एक आयोजन में कही. वेंकैय्या नायडू का कहना था कि ऐसे अखबार पत्रकारिता के मूल्यों के साथ समझौता हैं. उन्होंने यह भी कहा कि खबरों को सनसनीखेज बनाना आम बात हो गयी है और सनसनीखेज समाचार का मतलब है निरर्थक समाचार.

‘ये वक़्त राजनीति करने का नहीं बल्कि मिलकर प्रदूषण दूर करने का है.’ 

— अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

अरविंद केजरीवाल ने यह बात केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के बयान के जवाब में कही. प्रकाश जावड़ेकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे ‘चौकीदार चोर है’ का समर्थन करने पर अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग की थी. दिल्ली में प्रदूषण के मोर्चे पर हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं.


‘ये नरसंहार है.’

— इवो मोरालेस, बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति

इवो मोरालेस की यह प्रतिक्रिया अपने समर्थकों के खिलाफ सुरक्षा बलों की हिंसा के बाद आई है जिसमें पांच लोग मारे गए और कई घायल हो गए. चुनावों में धांधली के आरोपों के बाद जनता और सेना का दबाव बढ़ने के चलते इवो मोरालेस को इस्तीफा देना पड़ा था. फिलहाल मैक्सिको ने उन्हें राजनीतिक शरण दे रखी है.