कर्ज से पीड़ित एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को अगले साल मार्च तक सरकार द्वारा बेचे जाने की उम्मीद है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही है. सीतारमण ने कहा, ‘हम, इन दोनों को लेकर इस उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि हम इस साल इसे पूरा कर सकते हैं. इससे जमीनी हकीकत सामने आएगी.’ वित्त मंत्री ने आगे कहा एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है. उनके मुताबिक सरकार को इन दो कंपनियों को बेचने से इस वित्त वर्ष में करीब एक लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा.

पिछले साल निवेशकों ने एयर इंडिया को खरीदने में ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया था. सरकार के पास वर्तमान में एयर इंडिया की 100 प्रतिशत इक्विटी है. उसने इसकी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मांगी थीं जिस पर कोई भी निवेशक तैयार नहीं हुआ था. निवेशकों का कहना था कि उन्हें आशंका है कि बिक्री के बाद एयर इंडिया में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सरकार हस्तक्षेप करती रहेगी.

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बात करें तो सचिवों के एक समूह ने अक्टूबर में सरकार की पूरी 53.29 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए सहमति व्यक्त की थी. भारत पेट्रोलियम का बाजार पूंजीकरण लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपए है. इसकी 53 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के जरिये सरकार लगभग 65,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद कर रही है.