ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) अयोध्‍या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा. उसने बाबरी मस्जिद के बदले किसी और जगह पर जमीन न लेने का भी फैसला किया है.

पीटीआई के मुताबिक बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने रविवार को लखनऊ में हुई बोर्ड की एक बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले पर नौ नवम्बर को दिये गये उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर जल्द ही पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी. बोर्ड की बैठक में यह महसूस किया गया की अदालत के फैसले में कई बिंदुओं पर ना सिर्फ विरोधाभास है बल्कि यह फैसला समझ से परे भी है.

बोर्ड के सचिव के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने खुद अपने फैसले में माना है कि 23 दिसंबर 1949 की रात बाबरी मस्जिद में भगवान राम की मूर्तियां रखा जाना असंवैधानिक था तो फिर अदालत ने उन मूर्तियों को आराध्य कैसे मान लिया. वे तो हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार भी आराध्य नहीं हो सकते. जिलानी ने यह सवाल भी किया कि जब बाबरी मस्जिद में 1857 से 1949 तक मुसलमानों का कब्जा और नमाज पढ़ा जाना अदालत में साबित हो गया तो मस्जिद की जमीन हिंदू पक्ष को कैसे दे दी गयी?

इस दौरान जफरयाब जीलानी ने जानकारी देते हुए यह भी बताया, ‘बोर्ड ने मस्जिद के बदले अयोध्या में पांच एकड़ जमीन लेने से भी साफ इनकार किया है. बोर्ड के सदस्यों का मानना है कि अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए इस बात पर विचार नहीं किया कि वक्फ एक्ट 1995 की धारा 104 ए और 51(1) के तहत मस्जिद की जमीन के बदले कोई और जमीन लेने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है. लिहाजा बाबरी मस्जिद की जमीन के बदले कोई दूसरी जमीन कैसे दी जा सकती है. मुसलमान कोई और भूमि मंजूर नहीं कर सकते.’

जफरयाब जीलानी से जब पत्रकारों ने यह सवाल किया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अदालत के फैसले को चुनौती नहीं दे रहा है, तब उनका कहना था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों की नुमाइंदगी करता है और इस मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड कोई अकेला पक्षकार नहीं था. उनके मुताबिक मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को उम्मीद है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड उसके फैसले का एहतराम करेगा और वह भी वक्फ एक्ट के चलते मस्जिद के बदले जमीन नहीं लेगा.

बोर्ड के सचिव ने यह भी कहा कि मुसलमान अगर जमीन लेने से मना करते हैं तो यह उच्चतम न्यायालय की अवमानना नहीं मानी जाएगी क्योंकि अदालत ने जमीन देने का आदेश सरकार को दिया है.