ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) अयोध्‍या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा. उसने बाबरी मस्जिद के बदले किसी और जगह पर जमीन न लेने का भी फैसला किया है. यह खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी का कहना है कि अदालत के फैसले में कई बिंदुओं पर न सिर्फ विरोधाभास है बल्कि यह फैसला समझ से परे भी है. इसके अलावा श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के उम्मीदवार गोटबाया राजपक्षे को बड़ी जीत की खबर भी कई अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. गोटबाया राजपक्षे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और दिग्गज नेता महिंदा राजपक्षे के भाई हैं. उन्हें चीन समर्थक माना जाता है.

महाराष्ट्र की बिसात आज दिल्ली में बिछेगी

महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना सरकार बनने के मामले में गेंद अब केंद्रीय नेताओं के पाले में पहुंच गई है. दैनिक जागरण के मुताबिक एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर सरकार बनाने के बारे में चर्चा करेंगे. रविवार को पुणे में एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक हुई. शरद पवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एनसीपी विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल सहित कई महत्वपूर्ण नेताओं ने भाग लिया. पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक के अनुसार अब शरद पवार, सोनिया गांधी को महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना नेताओं के बीच हुई अब तक की चर्चा की जानकारी देंगे और आगे की योजना पर विचार करेंगे. महाराष्ट्र में इस समय राष्ट्रपति शासन लगा है.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में 13 साल बाद महिला जज

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में 13 साल बाद कोई महिला सदस्य शामिल हुई है. दैनिक भास्कर के मुताबिक जस्टिस आर भानुमती मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के रविवार को रिटायर होने के बाद इसका हिस्सा बनीं. उनसे पहले लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने वाले जजों में से एक जस्टिस रूमा पाल कॉलेजियम प्रणाली का चार जून, 2006 को रिटायर होने तक हिस्सा रहीं. जस्टिस भानुमती तमिलनाडु से हैं. वे सुप्रीम कोर्ट के पांच सीनियर जजों में से हैं जो नियमों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का हिस्सा होते हैं. कॉलेजियम अलग-अलग हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करता है.

तेज हवाओं से दिल्ली में प्रदूषण के हालात सुधरे

कई दिनों से जहरीली धुंध से जूझ रही राजधानी दिल्ली और एनसीआर को तेज हवाओं से कुछ राहत दी है. हिंदुस्तान के मुताबिक इसके चलते रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 142 अंक सुधरकर 215 पर पहुंच गया जो मध्यम श्रेणी से थोड़ी ही ऊपर है. इससे महानगर की हवा 10 दिन बाद सांस लेने लायक हुई. इससे पहले एक्यूआई छह नवंबर को 214 दर्ज हुआ था. लेकिन इसके बाद हालात बिगड़ते गए. इसके चलते गुरुवार और शुक्रवार को इलाके के स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी थी. प्रदूषण के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों केंद्र और संबंधित राज्यों की सरकारों को कड़ी फटकार लगाई थी. उसका कहना था कि जब आपात उपाय किए जाने की जरूरत है तो सरकारें एक दूसरे पर ठीकरा फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में लगी हैं.